By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 अप्रैल से पूरे देश में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के तहत अब सभी पेट्रोल पंपों पर 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से प्रदूषण में कमी आएगी और कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता घटेगी।

क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। एथेनॉल एक बायोफ्यूल है, जो मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसे पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है क्योंकि यह कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक होता है।
सरकार का लक्ष्य क्या है?
भारत सरकार ने पहले 2025 तक 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब इसे समय से पहले लागू कर दिया गया है। यह पहल देश के ‘ग्रीन एनर्जी मिशन’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

क्यों जरूरी है एथेनॉल ब्लेंडिंग?
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग बढ़ाकर सरकार आयात बिल कम करना चाहती है। साथ ही, इससे कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम होगा।
वाहन मालिकों पर क्या होगा असर?
सरकार के अनुसार, 2023 के बाद निर्मित अधिकांश नए वाहन E20 फ्यूल के अनुकूल (Compatible) हैं। हालांकि, पुराने वाहनों के लिए वाहन निर्माता कंपनियों ने सलाह दी है कि वे अपनी गाड़ी के मैनुअल की जांच करें। कुछ पुराने मॉडल में इंजन या माइलेज पर हल्का असर पड़ सकता है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने पहले ही E20 कम्प्लायंट इंजन तैयार कर लिए हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहन निर्माताओं ने भी ग्राहकों को सलाह दी है कि वे सर्विस सेंटर से जानकारी लेकर ही ईंधन का चयन करें।

क्या कीमत में होगा बदलाव?
सरकार की ओर से अभी तक E20 पेट्रोल की कीमत को लेकर अलग से कोई घोषणा नहीं की गई है। संभावना है कि इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल के आसपास ही रखी जाएगी। हालांकि, एथेनॉल की लागत और आपूर्ति के आधार पर कीमतों में हल्का अंतर हो सकता है।
पर्यावरण को कैसे होगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार, 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण से कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है। एथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है, जो जलने पर कम प्रदूषण फैलाता है। इससे शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है।

किसानों को मिलेगा लाभ
एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ना और मक्का जैसे फसलों की मांग बढ़ेगी। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। चीनी मिलों को भी अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा। सरकार का दावा है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
देशभर में लागू होगा नियम
1 अप्रैल से यह नियम देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा। तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी पेट्रोल पंपों पर E20 की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

विशेषज्ञों की राय
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने वाला है। हालांकि, उपभोक्ताओं को जागरूक करना और वाहन अनुकूलता सुनिश्चित करना जरूरी होगा, ताकि किसी तरह की तकनीकी समस्या न हो।
1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की अनिवार्य बिक्री भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव है। इससे प्रदूषण कम करने, आयात बिल घटाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी गाड़ी की E20 अनुकूलता की जांच जरूर कर लें।

