By: Vikash Kumar ( Vicky )
साल 1 जनवरी से आम आदमी की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब, रोजमर्रा की जरूरतों और फाइनेंशियल प्लानिंग पर पड़ेगा। कार खरीदने से लेकर LPG सिलेंडर की कीमत, बैंकिंग नियम, FASTag, टैक्स और डिजिटल पेमेंट तक—कुल 10 बड़े नियमों में बदलाव लागू होंगे। ऐसे में नए साल की शुरुआत से पहले इन नियमों को जानना बेहद जरूरी है।
कारों की कीमतों में बढ़ोतरी
नए साल से कई ऑटो कंपनियां अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने जा रही हैं। इसकी वजह इनपुट कॉस्ट, सेफ्टी फीचर्स और BS नॉर्म्स से जुड़े बदलाव बताए जा रहे हैं। अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो 1 जनवरी से पहले फैसला लेना फायदेमंद हो सकता है।

LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर के दाम रिवाइज होते हैं। 1 जनवरी को भी घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव संभव है। त्योहारों और सर्दियों के मौसम में कीमत बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
FASTag और टोल नियमों में बदलाव
नए साल से FASTag से जुड़े कुछ नियम और सख्त हो सकते हैं। गलत FASTag, बैलेंस न होने या KYC अपडेट न होने पर दोगुना टोल देना पड़ सकता है। वाहन चालकों को FASTag KYC अपडेट रखना अनिवार्य होगा।
बैंकिंग नियमों में बदलाव
1 जनवरी से सेविंग अकाउंट, मिनिमम बैलेंस और ATM ट्रांजैक्शन से जुड़े नियम बदल सकते हैं। कई बैंक फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट कम कर सकते हैं, जिसके बाद अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है।
क्रेडिट कार्ड से जुड़े नए नियम
क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स, चार्जेज और बिलिंग साइकिल में बदलाव संभव है। कुछ बैंक रिवॉर्ड पॉइंट्स की वैल्यू घटा सकते हैं, वहीं लेट पेमेंट चार्ज बढ़ सकते हैं।
डिजिटल पेमेंट और UPI नियम
UPI यूजर्स के लिए भी नए नियम लागू हो सकते हैं। बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन और ऑटो-पे सेटिंग्स में बदलाव संभव है।
FD और सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दरें
नए साल से बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं। कुछ बैंकों में ब्याज दरें घटने की संभावना है, जिससे निवेशकों पर असर पड़ेगा।
बीमा (Insurance) नियमों में बदलाव
हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस से जुड़े नियमों में बदलाव संभव है। नो-क्लेम बोनस, प्रीमियम और पॉलिसी टर्म्स में संशोधन किया जा सकता है।
टैक्स और वित्तीय नियम
नए साल से इनकम टैक्स से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव हो सकता है, खासकर टैक्स स्लैब, TDS और ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग प्रोसेस में।
सरकारी योजनाओं और सब्सिडी नियम
कुछ सरकारी योजनाओं में पात्रता और सब्सिडी नियम बदल सकते हैं। LPG सब्सिडी, पेंशन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से जुड़े अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
क्यों जरूरी है इन नियमों की जानकारी?
नए साल की शुरुआत में अगर आप इन बदलावों से अनजान रहे, तो आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सही जानकारी से आप बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग कर सकते हैं और अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।
