By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। देशभर में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अहम खबर है। 1 मार्च से भारतीय रेलवे की ओर से कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू किए जा रहे हैं। ये बदलाव टिकट बुकिंग, वेटिंग लिस्ट, रिफंड पॉलिसी, पहचान पत्र, लगेज नियम और पेनल्टी से जुड़े हैं। रेलवे का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य यात्रा को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
अगर आप भी मार्च महीने में या उसके बाद ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को जानना बेहद जरूरी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि 1 मार्च से क्या-क्या बदलने जा रहा है।

1. वेटिंग टिकट पर सख्ती
रेलवे ने वेटिंग टिकट को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब कन्फर्म टिकट के बिना स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करना मुश्किल होगा।
वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को स्लीपर और एसी कोच में बैठने की अनुमति नहीं होगी।
पकड़े जाने पर जुर्माना और अतिरिक्त किराया वसूला जा सकता है।
यात्रियों को सामान्य डिब्बे (जनरल कोच) में यात्रा करनी होगी।
इस नियम का मकसद कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को सुविधा देना और कोच में भीड़ को नियंत्रित करना है।

2. टिकट बुकिंग समय और नियमों में बदलाव
ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को अब अधिक सतर्क रहना होगा।
तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों को और सख्त किया गया है।
आईडी प्रूफ का विवरण टिकट पर अनिवार्य होगा।
एक यूजर आईडी से टिकट बुकिंग की सीमा तय की जा सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इससे फर्जी बुकिंग और दलालों पर अंकुश लगेगा।
3. रिफंड पॉलिसी में संशोधन
1 मार्च से टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड के नियमों में भी बदलाव किया गया है।
ट्रेन खुलने से पहले टिकट कैंसिल करने पर ही पूरा या आंशिक रिफंड मिलेगा।
चार्ट तैयार होने के बाद कैंसिलेशन पर रिफंड नियम सख्त हो सकते हैं।
ऑनलाइन रिफंड सीधे बैंक खाते में आएगा।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट रद्द करने में देरी न करें, वरना रिफंड कम मिल सकता है।

4. लगेज नियमों पर सख्ती
रेलवे ने अधिक सामान ले जाने वाले यात्रियों पर भी सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है।
तय वजन से अधिक सामान पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
बड़े और भारी सामान को लगेज वैन में बुक करना अनिवार्य होगा।
बिना बुकिंग के भारी सामान मिलने पर जुर्माना लगेगा।
रेलवे का कहना है कि इससे कोच में अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी जोखिम कम होंगे।
5. पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य
यात्रियों को यात्रा के दौरान वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होगा।
टिकट पर दर्ज नाम से मेल खाता हुआ आईडी कार्ड दिखाना होगा।
आईडी नहीं दिखाने पर टिकट अमान्य माना जा सकता है।
फर्जी पहचान पर सख्त कार्रवाई होगी।
यह कदम सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

6. पेनल्टी और जुर्माने में बदलाव
बिना टिकट यात्रा, गलत कोच में यात्रा या नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने में बढ़ोतरी की जा सकती है।
बिना टिकट पकड़े जाने पर भारी जुर्माना।
आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश पर कार्रवाई।
नियम तोड़ने पर तुरंत चालान।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सख्ती का मकसद यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक बनाना है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
1 मार्च से लागू हो रहे इन नियमों को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
यात्रा से पहले टिकट की स्थिति जरूर जांच लें।
वेटिंग टिकट पर एसी/स्लीपर कोच में यात्रा न करें।
पहचान पत्र साथ रखें।
अतिरिक्त सामान होने पर पहले से बुकिंग कराएं।
टिकट कैंसिलेशन में देरी न करें।

रेलवे का उद्देश्य क्या है?
रेलवे का कहना है कि इन
बदलावों का मकसद यात्रियों को बेहतर सुविधा देना, भीड़ नियंत्रण करना और टिकटिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। हर दिन लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं, ऐसे में नियमों का पालन जरूरी है।
1 मार्च से लागू होने वाले ये नियम सीधे तौर पर यात्रियों को प्रभावित करेंगे। इसलिए यात्रा से पहले अपडेट जानकारी लेना बेहद जरूरी है।
अगर आप मार्च में या उसके बाद ट्रेन से सफर करने जा रहे हैं, तो इन नए नियमों को नजरअंदाज न करें। छोटी सी लापरवाही जुर्माने या परेशानी का कारण बन सकती है। बेहतर होगा कि यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या स्टेशन से जानकारी लेकर ही सफर करें।
1 मार्च से रेलवे के ये नए नियम लागू हो रहे हैं, जो ट्रेन यात्रियों के लिए बेहद जरूरी हैं। समय रहते जानकारी लेकर ही यात्रा करें और सुरक्षित सफर का आनंद लें।

