By:vikash kumar (vicky)

आज का दिन क्यों है खास
17 मार्च 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज मासिक शिवरात्रि का पावन व्रत रखा जाएगा, जो भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज के दिन तिथि, नक्षत्र, योग और करण का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे कई शुभ कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन भद्रा के समय में सावधानी रखना जरूरी होगा। यदि आप कोई शुभ काम करने की योजना बना रहे हैं तो पहले आज का पूरा पंचांग जरूर देख लें।

सूर्योदय, सूर्यास्त और तिथि का समय
दृक पंचांग के अनुसार 17 मार्च 2026 को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 29 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 30 मिनट पर होगा। आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 9 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। चतुर्दशी तिथि में मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है, इसलिए आज का दिन भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप के लिए बहुत शुभ माना गया है।

आज का नक्षत्र और योग
आज का नक्षत्र उत्तराषाढ़ा रहेगा, जो स्थिर और शुभ नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्य लंबे समय तक फल देते हैं। योग की बात करें तो आज सिद्ध योग का संयोग बन रहा है, जो सफलता देने वाला योग माना जाता है। करण में वणिज और विष्टि करण का प्रभाव रहेगा। विष्टि करण को ही भद्रा कहा जाता है, इसलिए भद्रा के समय में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।

भद्रा का समय और सावधानियां
आज भद्रा का समय सुबह के बाद शुरू होकर कुछ समय तक रहेगा, इसलिए विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नया काम शुरू करना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना भद्रा समाप्त होने के बाद ही करना उचित रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा काल में शुभ कार्य करने से बाधाएं आ सकती हैं, इसलिए इस समय विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

अमृतकाल का शुभ संयोग
आज रात के समय अमृतकाल का भी विशेष संयोग बन रहा है। अमृतकाल को अत्यंत शुभ माना जाता है और इस समय पूजा, मंत्र जाप, ध्यान, दान और धार्मिक कार्य करने से विशेष फल मिलता है। जो लोग मासिक शिवरात्रि का व्रत रखते हैं, उनके लिए रात का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम रहेगा।

मासिक शिवरात्रि का महत्व
मंगलवार के दिन शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। मासिक शिवरात्रि पर रात्रि जागरण और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
राहुकाल और शुभ मुहूर्त
आज राहुकाल भी ध्यान रखने योग्य है। राहुकाल के समय कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। वहीं अभिजीत मुहूर्त में किए गए कार्य सफल माने जाते हैं। इसलिए यदि आप कोई जरूरी काम करने जा रहे हैं तो पंचांग देखकर ही करें।

इस प्रकार 17 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मासिक शिवरात्रि, अमृतकाल और सिद्ध योग का संयोग होने के कारण पूजा-पाठ और साधना के लिए यह दिन बहुत शुभ माना जा रहा है।
यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के अनुसार तिथि और समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
