By: Vikash Kumar (Vicky )
27 दिसंबर 2025, भारत: भारतीय शेयर बाजार (BSE एवं NSE) ने 2025 के अंतिम कारोबारी हफ्ते में तीन दिनों की गिरावट दर्ज की, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे सत्र में कमजोर बंद हुए क्योंकि मुनाफा-बिक्री, कम ट्रेडिंग वॉल्यूम और विदेशी पूंजी के बहिर्वाह ने जोखिम भरे परिसंपत्तियों पर दबाव डाला।
भारत के प्रमुख शेयर बेंचमार्क BSE Sensex पिछले सत्र में लगभग 85,041 पर बंद हुआ, जो कि लगभग 367 अंकों की गिरावट को दर्शाता है, जबकि **Nifty 50 करीब 26,042 के स्तर पर बंद हुआ, संकेत देता है कि बाजार 26,000 के महत्वपूर्ण स्तर के पास मजबूती से खुद को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
मुनाफा-बुकिंग और बंद बाजार के बीच आंकड़े
सेंसेक्स और निफ्टी सेशन समीक्षा:
Sensex: लगभग -0.43% गिरावट के साथ 85,041 अंक पर बंद।
Nifty 50: करीब -0.38% की गिरावट के साथ लगभग 26,042 के स्तर पर बंद।
ट्रेडिंग वॉल्यूम: वर्ष के अंत के करीब वॉल्यूम काफी कम रहा, खासकर छुट्टियों के कारण।
अनुभवी बाजार विश्लेषकों का कहना है कि छुट्टियों से पहले मुनाफावसूली (profit-booking) और कम वॉल्यूम ने बाजार को संकीर्ण दायरे में रखा है। निवेशक Q3 आय (earnings) मौसम और 2026 के लिए संभावित प्रेरकों का इंतज़ार कर रहे हैं।

इस गिरावट के प्रमुख कारण
1. मुनाफा-बिक्री presión:
भारतीय बाजार में लगातार तेजी के बाद 2025 के अंत में मुनाफा निकालने की प्रवृत्ति देखने को मिली, खासकर भारी-वज़नी कंपनियों में बिकवाली ने सेंसेक्स और निफ्टी को दबाया।
2. विदेशी निवेशक बहिर्वाह:
Foreign Institutional Investors (FII) की सालभर की निरंतर बिक्री से बाजार पर दबाव बना रहा है, जिससे घरेलू बाजार में कमजोर धारणा बनी हुई है।
3. सूक्ष्म ट्रेडिंग गतिविधि:
साल के अंत तथा छुट्टियों (क्रिसमस व सप्ताहांत) के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम कम था, जिससे बड़े उठापटक का अनुमान लगाना मुश्किल रहा।
4. सत्र-वार प्रतिक्रिया:
आईटी तथा ऑटो जैसे कुछ सेक्टरों में बिकवाली ने व्यापक सूचकांक को नकारात्मक प्रभाव दिया, जबकि मिडकैप एवं स्मॉलकैप में कुछ राहत देखने को मिली।
सेक्टरल झलक और निवेशकों के लिए संकेत
बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिला, जहाँ प्रमुख सेक्टरों में:
आईटी और भारी उद्योगों में कमजोरी,
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की स्थिरता,
बैंकिंग सूचकांक में समर्थन-संकट का मिश्रित माहौल,
जैसी स्थितियाँ बनी रहीं — यह दर्शाता है कि निवेशक वर्षांत पर संरक्षण और चयनात्मक निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय: 2025 का समापन और 2026 की संभावनाएँ
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 की अंतिम कारोबारी सत्रों में कमजोरी पूरी तरह से बाजार की कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि संकीर्ण ट्रेडिंग रेंज और भविष्य के संकेतों की प्रतीक्षा को दर्शाता है।
विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बातों का उल्लेख किया है:
Q3 आय रिपोर्टों का प्रमुख प्रभाव बाजार पर पड़ेगा,
यूएस-भारत व्यापार सौदे और वैश्विक आर्थिक संकेतक आगे के निवेश रुझानों को प्रभावित कर सकते हैं,
2026 में बाजार संभावित रूप से मजबूत दिशा में वापस लौट सकता है यदि वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेत सकारात्मक बने रहें।
ट्रेडिंग गतिविधि और बाजार की मौजूदा स्थिति
शेयर बाजार सप्ताह के आख़िरी दिन शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को बंद हुआ, जबकि शनिवार का बाजार आम तौर पर ट्रेडिंग नहीं करता है। छुट्टियों और सप्ताहांत के मिश्रण के कारण 27 दिसंबर को भी प्राथमिक रूप से कोई सक्रिय सत्र नहीं हुआ।
