आज का पंचांग 21 दिसंबर 2025 का महत्व
आज का दिन धार्मिक और खगोलीय दोनों ही दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज न सिर्फ साल 2025 का सबसे छोटा दिन है, बल्कि आज साल का आखिरी चंद्र दर्शन भी किया जाएगा। पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि और रविवार के संयोग में होने वाला यह चंद्र दर्शन सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज का चंद्र दर्शन इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह पूरे साल का अंतिम चंद्र दर्शन है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज चंद्रमा के दर्शन और पूजन से मानसिक तनाव दूर होता है और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनते हैं।
आज के दिन बन रहे शुभ ज्योतिषीय योग
आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और वृद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा आज धनु राशि में विराजमान रहेंगे और सूर्य, मंगल व शुक्र के साथ उनकी युति बन रही है। यह ग्रह योग कार्यों में सफलता, आत्मविश्वास और साहस बढ़ाने वाला माना गया है।
साल के सबसे छोटे दिन का खगोलीय महत्व
21 दिसंबर को शीत अयनांत होता है, जिसके कारण आज साल का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होती है। इसके बाद दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगते हैं। भारतीय परंपरा में इसे नई ऊर्जा, सकारात्मक परिवर्तन और शुभ शुरुआत का संकेत माना जाता है।
चंद्र दर्शन और पूजन का शुभ समय
आज चंद्र दर्शन और पूजन के लिए शाम के समय लगभग 55 मिनट का विशेष शुभ समय बताया गया है। इस दौरान चंद्रमा को दूध, जल और अक्षत अर्पित कर श्रद्धा के साथ पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। राहुकाल के समय पूजा और शुभ कार्यों से बचना चाहिए।
राहुकाल और शुभ-अशुभ समय का महत्व
राहुकाल के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना गया है। इसलिए आज महत्वपूर्ण निर्णय, यात्रा या पूजा-पाठ हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करना लाभकारी रहेगा।
आज का संपूर्ण पंचांग
आज प्रतिपदा तिथि सुबह 09:13 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वितीया तिथि का आरंभ होगा। आज शुक्ल पक्ष है और वार रविवार है। मास पौष चल रहा है। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा पूरे दिन रहेगा। दिशा शूल पश्चिम दिशा में माना गया है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
यह पंचांग और मुहूर्त सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित हैं। समय और स्थान के अनुसार इनमें परिवर्तन संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

