आज का धार्मिक और पंचांग महत्व
आज 26 दिसंबर 2025, शुक्रवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार विशेष महत्व रखता है। आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जिसे पूजा-पाठ, जप-तप और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। आज का दिन धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास है।
पौष मास का महत्व और षष्ठी तिथि
पौष मास को शीत ऋतु का प्रमुख महीना माना जाता है। इस महीने में दान, स्नान और मंत्र जाप का विशेष फल मिलता है। शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती है, इसलिए इस दिन देवी-देवताओं की आराधना करना शुभ रहता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 7 बजकर 11 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। दिन की शुरुआत और समाप्ति के ये समय धार्मिक कार्यों की योजना बनाने में सहायक होते हैं।
राहुकाल और अशुभ समय
आज राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी नए या शुभ कार्य को करने से बचने की सलाह दी जाती है। राहुकाल के अलावा यमगंड और गुलिक काल को भी अशुभ समय माना जाता है।
आज के शुभ मुहूर्त
आज के दिन शुभ कार्यों के लिए दिन का पहला पहर और सूर्यास्त से पहले का समय अनुकूल माना जा सकता है। हालांकि विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़े कार्यों से पहले विद्वान की सलाह लेना शुभ रहता है।
महालक्ष्मी मंत्र जाप का महत्व
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा विशेष फल देती है। आज के दिन महालक्ष्मी मंत्र का जाप करने से धन, वैभव और सुख-समृद्धि में वृद्धि होने की मान्यता है। सफेद वस्त्र धारण कर लक्ष्मी पूजन करना शुभ माना जाता है।
वीर बाल दिवस और जोड़ मेला
आज वीर बाल दिवस भी मनाया जा रहा है, जो साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। इसके साथ ही कई स्थानों पर जोड़ मेला आयोजित किया जाता है, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
आज का ज्योतिषीय और आध्यात्मिक संकेत
ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन सामान्य से शुभ माना जा रहा है। दान-पुण्य, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों में मन लगाने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हो सकती है।
यह पंचांग सामान्य धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। स्थान और परंपरा के अनुसार तिथि और समय में अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य विद्वान से सलाह अवश्य लें।

