Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली/देशभर से रिपोर्ट। आज पूरे भारत में विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ की जा रही है। इसे बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन अवसर पर देश के कोने-कोने में मंदिरों, विद्यालयों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मां सरस्वती की प्रतिमा को पीले वस्त्रों से सजाया गया और पीले फूलों, केसर, हल्दी, अबीर और गुलाल से पूजा की गई। पीला रंग इस पर्व का मुख्य प्रतीक है, जो समृद्धि, ऊर्जा और ज्ञान का संकेत माना जाता है।

शिक्षा संस्थानों में विशेष आयोजन
देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की पूजा कर आशीर्वाद लिया। कई जगहों पर सरस्वती वंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, संगीत और कविताओं का आयोजन किया गया। बच्चों ने किताबें, कॉपी, पेन और वाद्य यंत्र मां सरस्वती के चरणों में रखकर विद्या और सफलता की कामना की।
शिक्षकों का कहना है कि यह पर्व बच्चों में शिक्षा के प्रति सम्मान और संस्कार विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।
धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान, वाणी, विवेक और कला की देवी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन से ऋतुराज बसंत का आरंभ होता है, जिससे प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होता है। खेतों में सरसों के पीले फूल खिल उठते हैं और वातावरण आनंदमय हो जाता है।
मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती प्रकट हुई थीं, इसलिए इस दिन पूजा करने से बुद्धि तेज होती है और विद्या में सफलता मिलती है।
घर-घर में हुआ पूजन
सिर्फ मंदिरों में ही नहीं बल्कि घरों में भी लोगों ने विधि-विधान से पूजा की। महिलाएं सुबह स्नान कर पीले वस्त्र धारण कर पूजा में शामिल हुईं। कई परिवारों में छोटे बच्चों को पहली बार अक्षर ज्ञान कराया गया, जिसे विद्यारंभ संस्कार कहा जाता है।

सांस्कृतिक रंग में रंगा देश
पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में यह पर्व खास उत्साह के साथ मनाया गया। बंगाल में इसे सरस्वती पूजा के नाम से जाना जाता है और युवा वर्ग में इसका विशेष महत्व है। पंडालों में भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गईं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।
सोशल मीडिया पर दिखा उत्साह
सरस्वती पूजा को लेकर सोशल मीडिया पर भी खास उत्साह देखने को मिला। लोगों ने मां सरस्वती की तस्वीरें, पूजा के वीडियो और शुभकामना संदेश साझा किए। “#SaraswatiPuja”, “#BasantPanchami” जैसे हैशटैग ट्रेंड करते नजर आए।
प्रशासन ने किए सुरक्षा के इंतजाम
देश के कई बड़े शहरों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
बसंत ऋतु का स्वागत
बसंत पंचमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि प्रकृति से जुड़ा त्योहार भी है। इस दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। चारों ओर हरियाली, फूलों की महक और सुहावना मौसम लोगों के मन को आनंदित कर देता है।

प्रधानमंत्री और नेताओं ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री सहित कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने देशवासियों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की शुभकामनाएं दीं और सभी के जीवन में ज्ञान, विवेक और सफलता की कामना की।
युवाओं में विशेष उत्साह
युवाओं में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। कई जगहों पर कॉलेज छात्रों ने स्वयं पंडाल सजाकर पूजा का आयोजन किया। इससे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को बल मिला।
कुल मिलाकर आज पूरा भारत मां सरस्वती की भक्ति और बसंत की उमंग में डूबा नजर आया। यह पर्व हमें ज्ञान, कला, संगीत और संस्कृति के महत्व का एहसास कराता है और समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

