By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। देवघर नगर निगम चुनाव 2026 के लिए चुनावी शोर आज शाम 5 बजे पूरी तरह थम गया। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से पहले मेयर पद के सभी प्रमुख प्रत्याशियों ने अंतिम दिन अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए शहरभर में बाइक रैली, जनसंपर्क अभियान और रोड शो आयोजित किए। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन देवघर की सड़कों पर राजनीतिक उत्साह चरम पर दिखाई दिया, जहां समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने चुनावी माहौल को पूरी तरह रंगीन बना दिया।

नगर निकाय चुनाव के तहत मेयर पद की दौड़ में शामिल प्रत्याशी पिछले कई दिनों से लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे थे। अंतिम दिन अधिकांश उम्मीदवारों ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में बाइक रैली निकालकर मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश की। शहर के विभिन्न इलाकों — टावर चौक, कास्टर टाउन, बिलासी, बैद्यनाथधाम क्षेत्र, शिवगंगा रोड, बाजला चौक और बाजार क्षेत्र — में रैलियों के कारण चुनावी माहौल पूरे दिन गर्म बना रहा।

बाइक रैली में दिखा प्रत्याशियों का दमखम
अंतिम दिन भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी रीता चौरसिया, झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित प्रत्याशी रवि रावत, राजद समर्थित प्रत्याशी राजेंद्र प्रसाद यादव सहित अन्य उम्मीदवारों ने अपने समर्थकों के साथ बाइक रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। सैकड़ों बाइक सवार कार्यकर्ताओं के साथ निकली इन रैलियों ने शहर के कई प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। रैलियों के दौरान प्रत्याशियों ने लोगों से विकास, स्वच्छता, बेहतर सड़क व्यवस्था, जल निकासी और आधुनिक नगर निगम व्यवस्था का वादा करते हुए अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। समर्थकों द्वारा लगाए जा रहे नारे और झंडों से पूरा शहर चुनावी रंग में रंगा नजर आया।

टोटो रैली भी रही चर्चा में
बाइक रैली के अलावा मेयर प्रत्याशी बाबा बलिया (बलियासे) द्वारा टोटो रैली का आयोजन भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना। पर्यावरण अनुकूल संदेश देने के उद्देश्य से निकाली गई इस रैली में बड़ी संख्या में टोटो चालकों और समर्थकों ने भाग लिया। रैली के दौरान लोगों से विकास और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने वाले प्रत्याशी को वोट देने की अपील की गई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार नगर निगम चुनाव में पारंपरिक प्रचार के साथ-साथ नए तरीके अपनाए गए, जिससे मतदाताओं तक सीधा संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गई।

निशिकांत दुबे की मौजूदगी से बढ़ा राजनीतिक तापमान
भाजपा समर्थित प्रत्याशी रीता चौरसिया के समर्थन में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी बाइक रैली में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। रैली के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए नगर विकास और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांसद की सक्रिय भागीदारी से चुनाव प्रचार को अंतिम समय में अतिरिक्त ऊर्जा मिली और समर्थकों को संगठित करने में मदद मिली।
प्रचार थमने के बाद अब घर-घर संपर्क पर जोर
शाम 5 बजे प्रचार समाप्त होने के बाद अब प्रत्याशी और उनके समर्थक प्रत्यक्ष प्रचार नहीं कर सकेंगे। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार अब केवल व्यक्तिगत संपर्क और शांतिपूर्ण तरीके से मतदाताओं से संवाद ही संभव होगा। इसके बाद सभी प्रत्याशियों की नजर मतदान दिवस और मतगणना पर टिक गई है। चुनाव प्रचार के दौरान शहर में विकास, ट्रैफिक व्यवस्था, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, जलजमाव और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। मतदाताओं ने भी उम्मीदवारों से ठोस योजनाओं और पारदर्शी प्रशासन की अपेक्षा जताई है।
मतदाताओं की भूमिका होगी निर्णायक
देवघर नगर निगम क्षेत्र में इस बार चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। युवा मतदाता, महिला वोटर और पहली बार मतदान करने वाले नागरिक चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक दलों ने अलग-अलग सामाजिक वर्गों को साधने की रणनीति अपनाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम दिन की रैलियां चुनावी माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन वास्तविक फैसला मतदाता ही करते हैं। प्रचार समाप्त होने के बाद अब सभी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटी में बंद होगी।
मतगणना के बाद तय होगा मेयर का ताज
अब सभी की निगाहें मतदान और मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि देवघर नगर निगम का अगला मेयर कौन बनेगा और शहर की कमान किसके हाथों में जाएगी। जनता के फैसले से तय होगा कि विकास के वादों पर किसे भरोसा मिला और देवघर की जनता किसे मेयर का ताज पहनाती है।
देवघर नगर निकाय चुनाव 2026 को स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह चुनाव आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। अब चुनावी शोर थम चुका है और लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण चरण — मतदान — का इंतजार शुरू हो गया है।

