By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली पुलिस ने पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में विशेष लाभ देने का निर्णय लिया है। अब दिल्ली पुलिस में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इस संबंध में भर्ती नियमों में संशोधन को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। यह आरक्षण पुरुष कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) पदों पर लागू होगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को पुनः रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है। केंद्र सरकार पहले ही विभिन्न अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस बलों में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा कर चुकी है। अब दिल्ली पुलिस ने इसे लागू करते हुए बड़ा कदम उठाया है।
क्या है नया प्रावधान?
संशोधित भर्ती नियमों के अनुसार, दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) पदों की कुल रिक्तियों में से 20 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे। इसके अलावा उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) में भी कुछ राहत दी जाएगी। आयु सीमा में भी विशेष छूट का प्रावधान किया गया है, ताकि सेवा अवधि पूरी करने के बाद बाहर आने वाले अग्निवीर आसानी से आवेदन कर सकें।

आयु सीमा में कितनी छूट?
बताया जा रहा है कि पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन से पांच वर्ष तक की छूट दी जा सकती है। पहले बैच के अग्निवीरों को विशेष अतिरिक्त छूट मिलने की भी संभावना जताई जा रही है। इससे हजारों युवाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
फिजिकल टेस्ट में क्या बदलाव?
दिल्ली पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता परीक्षा एक अहम चरण होता है। पूर्व अग्निवीर पहले से ही सेना में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें कुछ शारीरिक मानकों में छूट देने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, उन्हें लिखित परीक्षा और अन्य जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा।

सरकार का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षित युवा अनुशासित, फिट और प्रशिक्षित होते हैं। यदि उन्हें पुलिस बल में शामिल किया जाता है तो इससे कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही युवाओं को सेवा के बाद करियर को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अग्निपथ योजना क्या है?
अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। इस अवधि के दौरान उन्हें सैन्य प्रशिक्षण और वेतन मिलता है। चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखा जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा निधि पैकेज देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है। ऐसे युवाओं को आगे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
दिल्ली पुलिस को क्या होगा लाभ?
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से दिल्ली पुलिस को प्रशिक्षित और अनुशासित बल मिलेगा। इससे प्रशिक्षण पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था में तेजी और दक्षता आएगी।
युवाओं में खुशी की लहर
इस फैसले के बाद अग्निवीरों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है। कई युवाओं ने इसे भविष्य की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे सेना में सेवा देने के बाद भी स्थिर करियर की संभावना बनी रहेगी।

भर्ती प्रक्रिया कब से?
सूत्रों के अनुसार, संशोधित नियमों की अधिसूचना जारी होने के बाद अगली भर्ती प्रक्रिया से यह आरक्षण लागू हो जाएगा। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली अधिसूचना पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली पुलिस द्वारा पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण, फिजिकल टेस्ट में राहत और आयु सीमा में छूट देने का फैसला युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। यह कदम न केवल अग्निपथ योजना को मजबूती देगा, बल्कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा। आने वाले समय में अन्य राज्य भी इस तरह के कदम उठा सकते हैं।

