By: Vikash Kumar (Vicky)
चेन्नई। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रनों से करारी शिकस्त दी। चेन्नई के एमए चिदम्बरम स्टेडियम में खेले गए इस अहम मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन से विपक्षी टीम को मुकाबले से बाहर कर दिया।

सुपर-8 चरण का यह मुकाबला भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को हर हाल में जीत की जरूरत थी और खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वे खिताब के प्रबल दावेदार हैं। घरेलू दर्शकों के सामने खेले गए इस मैच में शुरुआत से ही भारतीय टीम हावी नजर आई।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने संयमित शुरुआत की। सलामी बल्लेबाजों ने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया और टीम को मजबूत आधार दिया। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए स्कोर को 180 के पार पहुंचाया। अंतिम ओवरों में तेज तर्रार बल्लेबाजी ने टीम का स्कोर चुनौतीपूर्ण बना दिया। निर्धारित 20 ओवर में भारत ने बड़ा लक्ष्य खड़ा किया, जो जिम्बाब्वे के लिए आसान नहीं था।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से ही विकेट झटके और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को बैकफुट पर धकेल दिया। पावरप्ले के भीतर ही दो बड़े विकेट गिरने से जिम्बाब्वे की रणनीति बिगड़ गई। इसके बाद स्पिन गेंदबाजों ने चेन्नई की पिच का पूरा फायदा उठाया और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए।

जिम्बाब्वे की ओर से कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन और लेंथ के सामने वे टिक नहीं सके। पूरी टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच पाई और भारत ने मुकाबला 72 रनों से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन खास रहा। तेज गेंदबाजों ने शुरुआती झटके दिए, जबकि स्पिनर्स ने मध्य ओवरों में रन गति पर लगाम कसते हुए विकेट निकाले। फील्डिंग भी भारतीय टीम की मजबूत कड़ी साबित हुई। खिलाड़ियों ने कैच और रन-आउट के मौके नहीं गंवाए, जिससे विपक्षी टीम पर दबाव लगातार बना रहा।

कप्तान ने मैच के बाद कहा कि टीम ने योजनानुसार प्रदर्शन किया। उन्होंने बल्लेबाजों की आक्रामकता और गेंदबाजों की अनुशासित लाइन की तारीफ की। टीम प्रबंधन का मानना है कि आगे के मुकाबलों में भी इसी संतुलन को बनाए रखना जरूरी होगा।
इस जीत से भारतीय टीम का मनोबल काफी बढ़ा है। सुपर-8 के अगले मुकाबलों में भी टीम इसी लय को कायम रखना चाहेगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टीम इंडिया इसी तरह संतुलित प्रदर्शन करती रही तो वह सेमीफाइनल और फाइनल तक का सफर तय कर सकती है।
चेन्नई के एमए चिदम्बरम स्टेडियम में दर्शकों का उत्साह देखने लायक था। पूरे स्टेडियम में ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया-इंडिया’ के नारे गूंजते रहे। खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से दर्शकों को निराश नहीं किया।

अब सभी की नजरें सुपर-8 के अगले मुकाबले पर टिकी हैं। भारतीय टीम के लिए यह जीत केवल दो अंक ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की बड़ी पूंजी भी है। टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में लय बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है, और भारत ने इस दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।
कुल मिलाकर, यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए हर लिहाज से सफल रहा। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन ने जिम्बाब्वे को पूरी तरह से मात दी। यदि टीम इसी फॉर्म को बरकरार रखती है, तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खिताब की राह और भी मजबूत हो सकती है।

