By: Vikash Kumar (Vicky)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली पर्व से पहले राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों का वेतन होली से पूर्व जारी किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने 3 मार्च 2026 को विशेष अवकाश देने की घोषणा की है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार 2, 3 और 4 मार्च 2026 को प्रदेश में होली का अवकाश रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले को राज्य कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। होली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले वेतन जारी होने से कर्मचारियों को त्योहार की तैयारियों में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी विभाग में वेतन वितरण में देरी न हो और समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश सरकार के सूत्रों के अनुसार, सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे वित्तीय प्रक्रिया को तेज करें और वेतन भुगतान की फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार के अवसर पर कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और मानसिक संतोष मिलना आवश्यक है, जिससे वे अपने परिवार के साथ खुशी से पर्व मना सकें।

तीन दिन का अवकाश घोषित
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, 2 मार्च, 3 मार्च और 4 मार्च 2026 को होली के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। 3 मार्च को विशेष रूप से अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय, शिक्षण संस्थान और अधिकांश सरकारी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। आवश्यक सेवाएं जैसे स्वास्थ्य, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी।
होली उत्तर प्रदेश का प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है, जिसे बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे में तीन दिन का अवकाश मिलने से लोगों को अपने गृह जनपद जाने और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। खासतौर पर बाहर जिलों में तैनात कर्मचारी इस फैसले से काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

कर्मचारियों में खुशी की लहर
सरकारी कर्मचारियों के संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि त्योहार से पहले वेतन मिलना हमेशा से एक महत्वपूर्ण मांग रही है। कई बार देरी होने के कारण कर्मचारियों को उधार या अन्य आर्थिक विकल्पों का सहारा लेना पड़ता था। इस बार समय से वेतन मिलने से त्योहार की तैयारियां सुगमता से हो सकेंगी।
राज्य सरकार के इस कदम को संवेदनशील प्रशासनिक निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और त्योहारों के समय उनकी आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

प्रशासनिक तैयारी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि होली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारी की जाए। सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति और सौहार्द सुनिश्चित करें। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा, नगर निकायों को साफ-सफाई, पेयजल और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार से पहले वेतन जारी होने से बाजार में खरीदारी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ होगा। होली के अवसर पर कपड़े, मिठाई, रंग-गुलाल और अन्य सामग्रियों की मांग बढ़ जाती है। समय से वेतन मिलने से उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
साथ ही तीन दिन के अवकाश से पर्यटन स्थलों पर भी भीड़ बढ़ने की संभावना है। वाराणसी, मथुरा और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों पर होली का विशेष महत्व है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

सरकार की मंशा स्पष्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार त्योहारों के अवसर पर कर्मचारियों और आम जनता की सुविधाओं को प्राथमिकता देती है। प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारी करने और समय से वेतन जारी करने का निर्देश शासन की कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
प्रदेश में होली का पर्व 2026 में विशेष उत्साह के साथ मनाए जाने की उम्मीद है। सरकार की ओर से किए गए इन ऐलानों ने कर्मचारियों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार होली से पूर्व वेतन वितरण और 2 से 4 मार्च तक अवकाश की घोषणा ने राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन निर्देशों का कितनी तत्परता से पालन सुनिश्चित करता है।

