By: Vikash Kumar (Vicky)
भारतीय परंपरा और वास्तु शास्त्र में शंख को अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। मान्यता है कि शंख में देवी-देवताओं का वास होता है और इसकी ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर दैनिक पूजा तक शंख का विशेष महत्व बताया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर में सही प्रकार का शंख सही दिशा में रखा जाए तो यह धन, सुख-समृद्धि और शांति को आकर्षित करता है तथा कई प्रकार के वास्तु दोषों को कम करने में सहायक माना जाता है।

शंख का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
शास्त्रों में शंख को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से जोड़ा गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों में शंख भी शामिल था। शंखनाद को पवित्र ध्वनि माना गया है, जो वातावरण को शुद्ध करने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होती है। कई शोधों में यह भी बताया गया है कि शंख की ध्वनि से उत्पन्न कंपन वातावरण में मौजूद कुछ हानिकारक जीवाणुओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।

दक्षिणावर्ती शंख दिलाता है धन लाभ
वास्तु शास्त्र में दक्षिणावर्ती शंख को अत्यंत शुभ माना गया है। इसका मुख दाईं ओर खुलता है। मान्यता है कि इसे घर के पूजा स्थल में स्थापित करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसे लाल या पीले कपड़े पर स्थापित कर नियमित रूप से पूजा करने से आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। व्यापार में वृद्धि और धन संचय के लिए यह शंख विशेष फलदायी माना जाता है।

वामावर्ती शंख से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा
वामावर्ती शंख सामान्य रूप से पूजा में उपयोग किया जाता है। इसकी ध्वनि से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसे रोजाना बजाने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और घर का वातावरण शांत व पवित्र बना रहता है। वास्तु दोष से पीड़ित घरों में इसे नियमित रूप से बजाना लाभकारी बताया गया है।
गौमुखी शंख से मिलती है मानसिक शांति
गौमुखी शंख का आकार गाय के मुख के समान होता है। इसे घर में रखने से मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द बढ़ता है। जिन घरों में तनाव या आपसी मतभेद अधिक रहते हैं, वहां इस शंख को उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है।

शंख रखने की सही दिशा
वास्तु के अनुसार शंख को हमेशा पूजा घर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। शंख को जमीन पर सीधे न रखें, बल्कि किसी स्वच्छ आसन या कपड़े पर स्थापित करें। टूटा हुआ या खंडित शंख घर में नहीं रखना चाहिए, इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शंख से दूर हो सकते हैं वास्तु दोष
घर में यदि उत्तर-पूर्व दिशा में दोष हो या मुख्य द्वार के पास नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव महसूस हो रहा हो, तो शंख स्थापित करना लाभकारी माना जाता है। नियमित शंखनाद से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक कंपन उत्पन्न होते हैं, जिससे वास्तु संबंधी समस्याएं कम हो सकती हैं।

आज के समय में जब लोग मानसिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं, ऐसे में पारंपरिक उपायों की ओर रुझान बढ़ रहा है। शंख को घर में स्थापित करना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और ऊर्जा का माध्यम भी माना जा सकता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है। इसके प्रभाव व्यक्ति की आस्था और परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

