By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर: जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी पांडेयडीह गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब गांव के पास एक बेर के पेड़ पर एक व्यक्ति का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। बाद में स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना जसीडीह थाना पुलिस को दी।

सूचना मिलने के बाद जसीडीह थाना की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने ग्रामीणों की मौजूदगी में शव को फंदे से नीचे उतरवाया और उसकी पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान शव की पहचान रोहिणी पांडेयडीह गांव निवासी शशि दास (उम्र लगभग 45 वर्ष) के रूप में की गई।
घटना के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के ससुर कंटू दास ने बताया कि शशि दास पिछले कई वर्षों से उनके घर में घर जमाई के रूप में रह रहे थे। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से शशि दास मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे और अक्सर चिंतित रहते थे।

परिजनों के अनुसार लगभग 10 दिन पहले शशि दास घर से यह कहकर निकले थे कि वह मधुपुर जा रहे हैं। लेकिन उसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया था। इसी बीच शुक्रवार को गांव के कुछ लोगों ने सूचना दी कि गांव के पास स्थित एक बेर के पेड़ पर एक व्यक्ति का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ दिखाई दे रहा है।
यह खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। करीब जाकर देखने पर पता चला कि फांसी के फंदे पर लटका शव शशि दास का ही है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सनसनी का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी जसीडीह थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी की और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई।
इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया गया।

देवघर सदर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को लेकर गांव लौट गए, जहां अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
घटना को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। हालांकि पुलिस अभी तक इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शशि दास शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, लेकिन पिछले कुछ समय से वह मानसिक रूप से परेशान दिख रहे थे। हालांकि उनके परेशान होने के पीछे की वजह क्या थी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस का कहना है कि अगर जांच के दौरान कोई संदिग्ध बात सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस घटना के बाद रोहिणी पांडेयडीह गांव में मातम का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं। वहीं पुलिस मामले की हर पहलू से जांच करने में जुटी हुई है।

