By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। छात्राओं को वित्तीय रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को देवघर जिले के रोहिणी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और ग्राम साथी संस्था के संयुक्त समन्वय से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्राओं को बैंकिंग सेवाओं, बचत की आदत और वित्तीय प्रबंधन के बारे में जागरूक करना था।

10 मार्च 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बैंकिंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम में आरबीआई, रांची से मैनेजर गौरव कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आनंद मोहन विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रोहिणी की प्रधानाचार्या इंद्रा मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण के साथ-साथ ग्राम साथी संस्था के ट्रेनर, प्रोग्राम मैनेजर, एरिया मैनेजर और हेल्प डेस्क ऑफिसर भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इस दौरान छात्राओं को वित्तीय साक्षरता के महत्व के बारे में बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में वित्तीय साक्षरता हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है, खासकर छात्राओं के लिए ताकि वे भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

कार्यक्रम में आरबीआई के मैनेजर गौरव कुमार ने छात्राओं को भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरबीआई देश की बैंकिंग व्यवस्था का नियामक संस्थान है और इसका मुख्य कार्य बैंकिंग प्रणाली को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है। उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि बैंकिंग सेवाओं का सही उपयोग करके वे अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं।
इस दौरान छात्राओं को बैंकिंग की मूलभूत जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि बैंक खाते कितने प्रकार के होते हैं और उनका क्या महत्व है। साथ ही बचत खाता, चालू खाता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

छात्राओं को यह भी बताया गया कि बैंक में खाता खोलने के क्या फायदे होते हैं और किस प्रकार वे अपनी छोटी-छोटी बचत को सुरक्षित तरीके से जमा कर सकती हैं। वक्ताओं ने छात्राओं को नियमित बचत की आदत डालने के लिए प्रेरित किया और बताया कि छोटी बचत भी भविष्य में बड़ी आर्थिक सुरक्षा का आधार बन सकती है।
इसके अलावा बैंकिंग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को डिजिटल बैंकिंग, एटीएम कार्ड, यूपीआई भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग जैसी सुविधाओं के बारे में भी समझाया गया ताकि वे आधुनिक बैंकिंग प्रणाली को आसानी से समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने छात्राओं को वित्तीय अनुशासन के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाना बहुत जरूरी है। यदि छात्राएं अभी से बचत और वित्तीय प्रबंधन की आदत डालेंगी तो भविष्य में उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
शिविर के दौरान छात्राओं ने भी कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया। इससे छात्राओं की जिज्ञासा और उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

कार्यक्रम के समापन के बाद छात्राओं के लिए वित्तीय साक्षरता से संबंधित एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी समझ और जानकारी का प्रदर्शन किया।
क्विज प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। इससे अन्य छात्राओं को भी भविष्य में इस तरह की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली।
इस वित्तीय साक्षरता शिविर में कुल 150 छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और बैंकिंग एवं वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों की ओर से सभी अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा ताकि छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ जीवन उपयोगी ज्ञान भी मिल सके।
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वित्तीय साक्षरता जैसी जानकारी छात्राओं को न केवल जागरूक बनाती है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है।
