By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। झारखंड के देवघर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक गरीब परिवार के घर मात्र दो महीने का बिजली बिल करीब ढाई लाख रुपये आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इतना भारी भरकम बिल देखकर परिवार के सदस्य दंग रह गए और अब वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

परिवार का कहना है कि उनके घर में सामान्य घरेलू उपकरण ही इस्तेमाल होते हैं, ऐसे में इतना बड़ा बिजली बिल आना किसी भी तरह से संभव नहीं है। मामले की जानकारी मिलते ही देवघर की महापौर ने तुरंत संज्ञान लिया और बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

बिल देखकर परिवार के उड़े होश
जानकारी के अनुसार, देवघर के एक गरीब परिवार के घर जब बिजली विभाग की ओर से बिल पहुंचा तो उसे देखकर परिवार के होश उड़ गए। बिल में करीब ढाई लाख रुपये की राशि दर्ज थी। यह बिल पिछले दो महीने का बताया जा रहा है। परिवार के मुखिया ने बताया कि उनके घर में केवल कुछ बल्ब, एक पंखा और सामान्य घरेलू उपयोग के कुछ ही उपकरण हैं। इतनी कम बिजली खपत के बावजूद इतना बड़ा बिल आना उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल होता है। ऐसे में लाखों रुपये का बिजली बिल चुकाना उनके लिए बिल्कुल भी संभव नहीं है।

पड़ोसियों में भी हैरानी
इस घटना के बाद इलाके के लोग भी हैरान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह साफ तौर पर बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला लग रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि संबंधित परिवार बेहद साधारण जीवन जीता है और उनके घर में कोई भी ऐसा उपकरण नहीं है जिससे इतनी अधिक बिजली की खपत हो सके। ऐसे में बिजली बिल में तकनीकी गड़बड़ी या मीटर की खराबी की आशंका जताई जा रही है।

महापौर ने लिया त्वरित संज्ञान
मामले की जानकारी जैसे ही देवघर की महापौर तक पहुंची, उन्होंने तुरंत इस पर संज्ञान लिया। महापौर ने बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। महापौर ने स्पष्ट कहा कि अगर बिल में किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो उसे जल्द से जल्द ठीक किया जाना चाहिए, ताकि गरीब परिवार को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि जनता से जुड़े ऐसे मामलों में अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए।

जांच के बाद होगा सुधार
महापौर ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित घर के मीटर की जांच करें और बिल की गणना की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करें। यदि जांच के दौरान बिल में कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे तुरंत संशोधित किया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
देवघर सहित कई जिलों में पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जहां उपभोक्ताओं को अचानक हजारों या लाखों रुपये के बिजली बिल मिल गए। अधिकांश मामलों में बाद में तकनीकी गड़बड़ी, मीटर रीडिंग की गलती या बिलिंग सिस्टम की समस्या सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार मीटर की गलत रीडिंग, डेटा एंट्री में त्रुटि या सॉफ्टवेयर की तकनीकी समस्या के कारण इस तरह के असामान्य बिल बन जाते हैं।

गरीब परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
इस मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन और बिजली विभाग से न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों तक भी जाएंगे। परिवार ने उम्मीद जताई है कि महापौर के हस्तक्षेप के बाद जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा और उन्हें राहत मिलेगी।
लोगों ने की पारदर्शिता की मांग
इस घटना के बाद शहर के लोगों ने भी बिजली बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को बिल जारी करने से पहले उसकी सही तरीके से जांच करनी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
फिलहाल पूरे शहर की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि बिजली विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिलती है।

