By: Vikash Kumar (Vicky)
सोम प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
16 मार्च 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और सोमवार होने के कारण आज सोम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब त्रयोदशी तिथि सूर्यास्त के समय प्रदोष काल में पड़ती है तो प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। सोमवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है, इसलिए इसे सोम प्रदोष कहा जाता है। आज के दिन शिव पूजा, व्रत और उपाय करने से विशेष फल मिलने की मान्यता है।

आज का संवत, तिथि और पक्ष
हिंदू पंचांग के अनुसार आज संवत 2082 चल रहा है। आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। त्रयोदशी तिथि का संबंध प्रदोष व्रत से होता है और इसी कारण आज शाम के समय भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। जो लोग प्रदोष व्रत रखते हैं, उन्हें प्रदोष काल में शिव पूजा करने से मनोकामना पूर्ण होने का फल मिलता है।

आज का शुभ योग – शिव योग का निर्माण
आज का योग भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। पंचांग के अनुसार शिव योग सुबह 9 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। शिव योग में किए गए धार्मिक कार्य, पूजा, जप और दान बहुत शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। इस योग में भगवान शिव की आराधना करने से कष्टों से मुक्ति मिलने की मान्यता है।

आज का करण और उसका प्रभाव
आज के करण की बात करें तो तैतिल करण सुबह 9 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, इसके बाद गरज करण शुरू होगा जो रात 9 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार करण का प्रभाव हमारे दैनिक कार्यों पर पड़ता है, इसलिए शुभ कार्य करते समय करण का ध्यान रखना अच्छा माना जाता है।

आज का वार और पूजा का महत्व
वार के अनुसार आज सोमवार है और सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। सोम प्रदोष व्रत होने के कारण आज शिव मंदिर में पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करना विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
सूर्योदय का समय सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 30 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए आज शाम का समय पूजा के लिए सबसे शुभ रहेगा। चंद्रोदय का समय 17 मार्च को प्रातः 5 बजकर 25 मिनट बताया गया है।

सोम प्रदोष व्रत करने से मिलने वाले फल
धार्मिक मान्यता है कि सोम प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं, विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं और धन-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। जो लोग नियमित रूप से प्रदोष व्रत करते हैं, उनके जीवन में सुख और शांति बनी रहती है।
यह पंचांग सामान्य धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के अनुसार तिथि और मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें। newsbag.in इस जानकारी की पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करता।

