By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर: लोक आस्था का महापर्व चैती छठ पूजा देवघर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मंगलवार को छठ व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान देवघर का प्रसिद्ध शिवगंगा घाट आस्था का केंद्र बना रहा, जहां हजारों श्रद्धालु एकत्र होकर भगवान सूर्य की उपासना में लीन नजर आए।

छठ पूजा के अवसर पर शिवगंगा घाट को विशेष रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और आकर्षक सजावट से पूरा घाट जगमगा उठा। घाट का दृश्य अत्यंत मनमोहक था, जिसने श्रद्धालुओं की आस्था को और भी प्रबल बना दिया। शाम होते ही छठ व्रती पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर घाट पर पहुंचने लगे। महिलाओं के सिर पर सजे हुए डाले, जिसमें फल, ठेकुआ, नारियल और अन्य पूजन सामग्री रखी गई थी, आस्था की झलक प्रस्तुत कर रहे थे।

शिवगंगा तालाब के चारों ओर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया था। नगर निगम और छठ पूजा सेवा समिति के संयुक्त प्रयास से घाट परिसर को पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित बनाया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। छठ पूजा सेवा समिति द्वारा व्रतियों के लिए निःशुल्क पूजन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, जिससे गरीब और जरूरतमं
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। छठ व्रती दंडवत करते हुए, भक्ति गीत गाते हुए और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए घाट तक पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और छठ गीतों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। घाट के चारों ओर “केलवा के पात पर उगेलन सूरज देव” जैसे पारंपरिक छठ गीतों की गूंज सुनाई दे रही थी, जिससे माहौल और भी पावन हो उठा।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। शिवगंगा के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण चौक-चौराहों जैसे सीता होटल लक्ष्मीपुर चौक, पंडित शिवराम झा चौक और मानसरोवर चौक पर बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। इससे श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं हुई और जाम की स्थिति से भी राहत मिली।

इसके अलावा, प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके। घाट के आसपास सुरक्षा बल लगातार गश्त करते नजर आए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी गई थी।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार छठ पूजा की व्यवस्था पहले से कहीं बेहतर रही। साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर प्रशासन और समिति के प्रयास सराहनीय रहे। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि शिवगंगा घाट की सजावट और व्यवस्था ने उनके पूजा अनुभव को और भी सुखद बना दिया।

छठ पूजा का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति और सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में व्रती कठिन व्रत रखते हैं और पूरी निष्ठा के साथ भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना करते हैं।

अब बुधवार को उदयाचलगामी सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित किया जाएगा, जिसके साथ ही इस पावन पर्व का समापन पारण के साथ होगा। इस अवसर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शिवगंगा घाट पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने इसके लिए भी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
देवघर में छठ पूजा का यह दृश्य एक बार फिर यह साबित करता है कि यह पर्व लोगों को एकजुट करने और सामाजिक समरसता का संदेश देने का काम करता है। आस्था, अनुशासन और सामूहिक सहयोग का यह अद्भुत संगम हर किसी को प्रभावित करता है।

