By: Vikash Mala Mandal
झारखंड के बहड़ागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानीपाड़ा नागुसाई क्षेत्र में स्थित स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले दो शक्तिशाली बमों को भारतीय सेना की बम निरोधक टीम ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और करीब एक किलोमीटर के दायरे को खाली करा लिया गया था, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि की आशंका को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते कुछ दिनों से नदी किनारे संदिग्ध वस्तुएं मिलने की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन को दी जा रही थी। जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये अत्यंत शक्तिशाली बम हैं, जिनका वजन लगभग 227-227 किलोग्राम बताया जा रहा है। इस सूचना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल भारतीय सेना की बम निरोधक टीम को मौके पर बुलाया। सेना की टीम ने मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और बुधवार (25 मार्च 2026) को योजनाबद्ध तरीके से दोनों बमों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की।
स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने पानीपाड़ा नागुसाई क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया। बम निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले लगभग एक किलोमीटर के पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई थी। इस दौरान पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह मुस्तैद रहीं। प्रशासन की इस तत्परता से संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद मिली। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सहयोग किया, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकी।

नियंत्रित विस्फोट के जरिए बम निष्क्रिय
जानकारी के अनुसार, सेना की बम निरोधक टीम ने अत्यधिक सावधानी बरतते हुए पहले एक बम को नियंत्रित विस्फोट के जरिए निष्क्रिय किया। इसके बाद करीब एक घंटे के अंतराल में दूसरे बम को भी सुरक्षित तरीके से ब्लास्ट कर नष्ट कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनी रही। विस्फोट के समय तेज आवाज और कंपन जरूर महसूस किया गया, लेकिन किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। यह प्रशासन और सेना के समन्वित प्रयास का परिणाम है कि इतनी बड़ी कार्रवाई बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक पूरी की गई।

इलाके में दहशत के बाद अब राहत
स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से इस क्षेत्र में भय का माहौल था। बम मिलने की खबर के बाद लोग काफी चिंतित थे और अपने दैनिक कार्यों को लेकर असमंजस में थे। हालांकि, सेना और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद अब लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बमों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है और इलाके की गहन जांच भी की गई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित है। लोगों को उनके घरों में वापस लौटने की अनुमति भी दे दी गई है।

प्रशासन और सेना की कार्रवाई की सराहना
इस पूरी कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सेना की सराहना की है। समय पर उठाए गए कदमों और बेहतर समन्वय के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के विस्फोटक अत्यंत खतरनाक होते हैं और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती थी। ऐसे में सेना की पेशेवर दक्षता और प्रशासन की सतर्कता ने एक बड़ी चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया।

