By: Vikash, Mala Mandal
देवघर, 08 अप्रैल 2026: आज देवघर नगर निगम की उपमहापौर श्रीमती टीप चटर्जी ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा से एक शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, उपमहापौर ने उपायुक्त को एक औपचारिक प्रस्ताव सौंपा, जिसमें देवघर शहर के विभिन्न वार्डों में 50 नई जलमीनारों के निर्माण की बात की गई। यह प्रस्ताव PSUs के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) मद से संबंधित है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य देवघर शहर में पेयजल की आपूर्ति को सुचारू और प्रभावी बनाना है, जिससे शहरवासियों को जल संकट से निजात मिल सके। उपमहापौर श्रीमती टीप चटर्जी ने बताया कि जलमीनारों के निर्माण से न केवल शहर में जल आपूर्ति की समस्या का समाधान होगा, बल्कि यह शहर के विकास में भी योगदान देगा।

उपायुक्त ने किया प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन
मुलाकात के दौरान उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने इस प्रस्ताव को लेकर अपनी सहमति व्यक्त की और कहा कि जिला प्रशासन हमेशा ही जनता की भलाई के लिए काम करता है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि देवघर शहर में आम जनता को सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

” इसके अलावा, उन्होंने आश्वस्त किया कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और यदि यह तकनीकी दृष्टि से संभव हुआ, तो इसे शीघ्र लागू किया जाएगा।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि जलमीनारों के निर्माण के लिए जो भी बेहतर तकनीकी और नवाचार से जुड़ी व्यवस्था होगी, उसे प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है तो यह देवघर में जल संकट के समाधान में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

पेयजल समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की तत्परता
उपमहापौर श्रीमती टीप चटर्जी ने कहा कि शहर में पानी की आपूर्ति की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, और यह मुद्दा नगर निगम के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि पानी की आपूर्ति में सुधार के लिए कई अन्य योजनाओं पर भी काम चल रहा है।

श्रीमती चटर्जी ने कहा, “यह प्रस्ताव सिर्फ जलमीनारों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से हम जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस परियोजना के तहत, पानी की आपूर्ति में सुधार के साथ-साथ शहर में जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।”

CSRs के माध्यम से विकास की नई दिशा
CSR के तहत यह प्रस्ताव PSUs द्वारा शहर के विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह पहल न केवल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा करने का एक तरीका है, बल्कि यह स्थानीय विकास को भी गति प्रदान करेगा। उपमहापौर ने बताया कि इस पहल को लेकर कई अन्य PSUs से भी संपर्क किया गया है और उन्होंने इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई है।

देवघर नगर निगम की उपमहापौर श्रीमती टीप चटर्जी और उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा की इस मुलाकात से यह स्पष्ट हो गया कि जलमीनारों के निर्माण के माध्यम से देवघर शहर में जल आपूर्ति की समस्याओं को हल करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस प्रस्ताव को जल्दी ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है, और यदि यह लागू होता है तो यह देवघर में जल संकट को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

