By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। भारत आज 26 जनवरी 2026 को पूरे उत्साह, गर्व और राष्ट्रभक्ति के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी प्रगति का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखी गई है, जो देश की आज़ादी, आत्मसम्मान और राष्ट्रीय चेतना को समर्पित है।

कर्तव्य पथ पर जैसे ही परेड की शुरुआत हुई, पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों और सैन्य बैंड की गूंज से भर उठा। राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा फहराए जाने के साथ ही समारोह ने औपचारिक रूप से आरंभ लिया। इसके बाद तीनों सेनाओं—थलसेना, नौसेना और वायुसेना—के संयुक्त दस्तों ने कदमताल करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और सामर्थ्य का संदेश दिया।

इस वर्ष की परेड में विशेष आकर्षण भारत की स्वदेशी सैन्य ताकत रही। ‘शक्तिबाण’, ‘दिव्यास्त्र’ और ‘सूर्यास्त्र’ जैसे अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों को पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में आम जनता के सामने प्रदर्शित किया गया। इन हथियार प्रणालियों ने न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को दर्शाया, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की सफलता की भी झलक दिखाई।

शक्तिबाण प्रणाली को विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित और सटीक जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार किया गया है। वहीं, दिव्यास्त्र मल्टी-रोल मिसाइल सिस्टम आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। सूर्यास्त्र प्रणाली लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता रखती है और यह भारत को रक्षा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में खड़ा करती है।

परेड में भारतीय वायुसेना की झलक ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। रुद्र आर्म्ड हेलीकॉप्टर, तेजस फाइटर जेट और अन्य लड़ाकू विमानों की फ्लाई-पास्ट ने आसमान में भारत की वायु शक्ति का दमखम दिखाया। खास बात यह रही कि रुद्र आर्म्ड हेलीकॉप्टर की कमान महिला पायलट के हाथों में रही, जिसने महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया।

सैन्य शक्ति के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता भी झांकियों के माध्यम से जीवंत होकर सामने आई। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में लोक कला, पारंपरिक नृत्य, ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास की झलक दिखाई दी। हर झांकी ‘वंदे मातरम्’ की भावना से जुड़ी हुई नजर आई, जिसने देशवासियों के दिलों में गर्व की भावना को और गहरा किया।

इस वर्ष की परेड में युवाओं और तकनीक की भागीदारी भी खास रही। ड्रोन शो, डिजिटल डिस्प्ले और आधुनिक प्रस्तुति ने यह दर्शाया कि भारत परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहा है। स्कूली बच्चों और एनसीसी कैडेट्स की प्रस्तुति ने अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के बीच आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा। देश-विदेश से आए गणमान्य अतिथियों ने भी परेड को नजदीक से देखा और भारत की उपलब्धियों की सराहना की।
77वां गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक ताकत, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। शक्तिबाण, दिव्यास्त्र और सूर्यास्त्र जैसे आधुनिक हथियारों की मौजूदगी ने यह साफ संदेश दिया कि भारत न केवल शांति का समर्थक है, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम भी है।

जैसे-जैसे परेड का समापन हुआ, कर्तव्य पथ पर गूंजता ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की नई ऊर्जा भर गया। 77वें गणतंत्र दिवस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत परंपरा, शक्ति और प्रगति का अद्भुत संगम है।
