By: Vikash Kumar (Vicky)
आज का पंचांग और तिथि की संपूर्ण जानकारी
9 फरवरी 2026 को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और सोमवार का विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि पूरे दिन और पूरी रात रहने के बाद मंगलवार सुबह 7 बजकर 28 मिनट तक प्रभावी रहेगी। धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन एक साथ कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और आध्यात्मिक साधना के लिए अनुकूल माने जाते हैं।

सीता जयंती और कालाष्टमी का पावन पर्व
इस दिन माता सीता की जयंती मनाई जाएगी, जिसे सीताष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता सीता की पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही सोमवार को कालाष्टमी का व्रत भी रखा जाएगा, जो भगवान भैरव की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इन दोनों पर्वों का एक साथ पड़ना भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।

वृद्धि योग और विशाखा नक्षत्र का प्रभाव
9 फरवरी को रात 12 बजकर 52 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा, जिसे शुभ और उन्नति प्रदान करने वाला योग माना जाता है। इसके अलावा पूरे दिन और पूरी रात पर कर के मंगलवार सुबह 7 बजकर 55 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विशाखा नक्षत्र में किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और पूजा-पाठ का विशेष फल प्राप्त होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

9 फरवरी 2026 के प्रमुख शुभ मुहूर्त
फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पूरे दिन प्रभावी रहने के कारण पूजा और व्रत के लिए समय अनुकूल रहेगा। वृद्धि योग रात 12 बजकर 52 मिनट तक शुभ फल देने वाला माना गया है। विशाखा नक्षत्र भी धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम माना जाता है, जिससे इस दिन पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों का महत्व और बढ़ जाता है।

विभिन्न शहरों में राहुकाल का समय
दिल्ली में राहुकाल सुबह 08:28 से 09:50 तक रहेगा। मुंबई में सुबह 08:36 से 10:02 तक राहुकाल रहेगा। चंडीगढ़ में सुबह 08:32 से 09:54 तक राहुकाल का समय होगा। लखनऊ में सुबह 08:11 से 09:34 तक राहुकाल रहेगा। भोपाल में सुबह 08:21 से 09:46 तक राहुकाल रहेगा। कोलकाता में सुबह 07:37 से 09:02 तक राहुकाल रहेगा। अहमदाबाद में सुबह 08:41 से 10:05 तक राहुकाल का समय रहेगा। चेन्नई में सुबह 08:01 से 09:28 तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का सही समय
9 फरवरी 2026 को सूर्योदय सुबह 7 बजकर 03 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 06 मिनट पर होगा। धार्मिक अनुष्ठानों और व्रत-पूजा की योजना बनाने के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्त इन समयों को ध्यान में रखकर अपने पूजा-पाठ की तैयारी करते हैं।

सीता जयंती का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी को माता सीता का प्राकट्य दिवस माना जाता है। इस दिन माता सीता की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में धैर्य, सद्गुण और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है। मान्यता है कि माता सीता की कृपा से दांपत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है तथा जीवन के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। भक्त इस दिन व्रत रखकर और विशेष पूजा कर माता सीता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

दिनभर की पूजा और आध्यात्मिक साधना का महत्व
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन शिव पूजा, भैरव साधना और माता सीता की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु पूरे दिन मंत्र जाप, व्रत और दान-पुण्य करके आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। इस दिन धार्मिक कार्यों में मन लगाकर व्यक्ति मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर सकता है।

यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारी पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी व्रत, पूजा या ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले अपने धार्मिक गुरु या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। समय और विवरण स्थान के अनुसार बदल सकते हैं।
