दिवाली का पर्व रोशनी, खुशियों और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन पूरे देश में दीप जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। अमावस्या की इस अंधेरी रात में दीपक का प्रकाश सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीपक जलाते समय उसके नीचे चावल के कुछ दाने रखना शुभ क्यों माना जाता है? हिंदू धर्म में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसके पीछे गहरा धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व छिपा है। आइए जानते हैं कि दीपक के नीचे चावल रखने की परंपरा क्यों निभाई जाती है और इससे मिलने वाले फायदों के बारे में।
दीपक और चावल का संबंध:
हिंदू धर्म में चावल को ‘अक्षत’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है — जो कभी नष्ट नहीं होता। यह समृद्धि, स्थिरता और शुभ फल का प्रतीक माना जाता है। पूजा में चावल का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि यह शुद्धता और सकारात्मकता का प्रतिनिधित्व करता है। जब दीपक के नीचे चावल रखे जाते हैं, तो यह मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का प्रतीक होता है और माना जाता है कि घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
दीपक के नीचे चावल रखने का धार्मिक महत्व:
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब दीपक जलाते समय उसके नीचे चावल रखे जाते हैं, तो यह स्थिरता और शुभ फल का संकेत देता है। दीपक में मौजूद अग्नि तत्व और चावल में निहित पृथ्वी तत्व का संगम ऊर्जा संतुलन बनाता है, जिससे घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।
यह भी कहा जाता है कि दीपक के नीचे चावल रखने से मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं और घर में आर्थिक स्थिरता आती है। इसलिए दीपावली की रात या किसी भी शुभ अवसर पर दीपक जलाते समय उसके नीचे थोड़े से चावल रखना अत्यंत शुभ माना जाता है।
वैज्ञानिक दृष्टि से भी है फायदेमंद:
आध्यात्मिक मान्यता के साथ-साथ इसका एक वैज्ञानिक कारण भी है। चावल वातावरण की नमी को सोखने की क्षमता रखते हैं। दीपक के नीचे चावल रखने से तेल या घी का फैलाव नहीं होता और दीपक स्थिर जलता रहता है। यह दीपक को सुरक्षित रूप से जलाने का एक पारंपरिक और व्यावहारिक तरीका भी है।
कब और कैसे रखें चावल:
दीपक जलाने से पहले पूजा स्थान को साफ करें।
दीपक रखने की जगह पर पहले चावल की एक छोटी सी परत बिछाएं।
उसके ऊपर दीपक रखकर घी या तेल से जलाएं।
दीपक जलाते समय मन में मां लक्ष्मी का ध्यान करें और धन-समृद्धि की प्रार्थना करें।
दिवाली के अलावा कब करें यह उपाय:
दीपक के नीचे चावल रखने की परंपरा केवल दिवाली तक सीमित नहीं है। यह उपाय हर अमावस्या, पूर्णिमा, या किसी भी विशेष पूजन के समय किया जा सकता है। यह माना जाता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण में शांति बनी रहती है।दीपक के नीचे चावल रखना न केवल धार्मिक रूप से शुभ है, बल्कि यह ऊर्जा संतुलन और घर की समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है। यह छोटी सी परंपरा सकारात्मकता, शांति और धन-लाभ का प्रतीक है। इसलिए इस दिवाली या किसी भी शुभ अवसर पर दीपक जलाते समय उसके नीचे चावल रखना न भूलें, क्योंकि यह उपाय सौभाग्य को आपके घर तक खींच लाता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या उपाय को अपनाने से पहले अपने विवेक और आस्था के अनुसार निर्णय लें।

