बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी तापमान भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने राज्य में अपनी चुनावी तैयारियों को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से तीन दिनों के बिहार दौरे पर रहेंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बिहार में कई रैलियों को संबोधित करने वाले हैं।
अमित शाह का तीन दिवसीय बिहार दौरा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अमित शाह 16 अक्टूबर की सुबह पटना पहुंचेंगे, जहां वह पहले पार्टी पदाधिकारियों और उम्मीदवारों के साथ रणनीतिक बैठक करेंगे। इसके बाद शाह गया, मुजफ्फरपुर, बेतिया और भागलपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। बताया जा रहा है कि यह दौरा बीजेपी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि शाह का फोकस सीधा उन सीटों पर रहेगा जहां पिछली बार NDA को हार का सामना करना पड़ा था।
अमित शाह इस दौरे में दलित, पिछड़ा और युवा मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे। वे पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर जीत की रणनीति पर चर्चा करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शाह का यह दौरा ‘मिशन बिहार 2025’ का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
CM योगी आदित्यनाथ भी करेंगे प्रचार
अमित शाह के दौरे के साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी बिहार में NDA उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे। योगी 17 और 18 अक्टूबर को बिहार के पश्चिमी इलाकों में चार चुनावी सभाएं करेंगे।
उनकी पहली सभा बक्सर में होगी, इसके बाद वे कैमूर, रोहतास और सारण जिले में जनसभाएं करेंगे। योगी आदित्यनाथ की रैलियों को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। बीजेपी कार्यकर्ता मानते हैं कि योगी की लोकप्रियता बिहार में भी काफी है और उनकी मौजूदगी चुनावी माहौल को और गरमा देगी।
NDA ने झोंकी पूरी ताकत
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहले ही बिहार का दौरा कर चुके हैं। अब अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के आने से NDA का पूरा शीर्ष नेतृत्व मैदान में उतर गया है। जेडीयू प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले से ही अपने जनसम्पर्क अभियान में जुटे हैं।
NDA का फोकस इस बार युवाओं, महिलाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं पर है। बीजेपी ने “सबका साथ, सबका विकास” के नारे को बिहार में फिर से केंद्र में रखा है।
महागठबंधन पर तीखा हमला करने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक अमित शाह अपनी सभाओं में महागठबंधन पर तीखे हमले करेंगे। वे लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद के मुद्दे पर निशाना साधेंगे। शाह का यह भी कहना है कि “बिहार को स्थिर और विकासशील सरकार सिर्फ मोदी-नीतीश की जोड़ी ही दे सकती है।”
पार्टी का मकसद महागठबंधन की एकता पर सवाल उठाकर मतदाताओं को NDA की मजबूती दिखाना है।
अमित शाह की सभाओं का पूरा शेड्यूल
16 अक्टूबर: पटना बैठक, गया जनसभा
17 अक्टूबर: मुजफ्फरपुर और बेतिया जनसभा
18 अक्टूबर: भागलपुर और नवादा में रैली
इन तीन दिनों में शाह की कुल छह बड़ी सभाएं होंगी, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।
भाजपा ने तैयार किया डिजिटल कैंपेन प्लान
बिहार बीजेपी ने इस बार डिजिटल प्रचार को भी प्राथमिकता दी है। पार्टी ने “मोदी मिशन बिहार” नाम से सोशल मीडिया कैंपेन शुरू किया है, जिसमें हर जिले के युवाओं को जोड़ा जा रहा है। वाट्सएप ग्रुप्स, इंस्टाग्राम रील्स और शॉर्ट वीडियो के जरिए लोगों तक मोदी सरकार की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं।
बिहार की सियासत में नया उत्साह
अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बिहार आने से NDA के कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी का यह आक्रामक प्रचार विपक्ष के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
वहीं, महागठबंधन भी अपनी रणनीति को और मजबूत करने में जुटा है। तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी आने वाले दिनों में संयुक्त रैलियों का ऐलान कर सकते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है और सभी दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के दौरे से जहां NDA में नई ऊर्जा आई है, वहीं विपक्ष भी पलटवार की तैयारी कर रहा है।
आने वाले तीन दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं, क्योंकि इन्हीं रैलियों से तय होगा कि राज्य की जनता का रुझान किस ओर झुक रहा है।

