जमुई, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इसी बीच जमुई जिले से बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षाबलों ने यहां से दो कंटेनर बम बरामद किए हैं। यह बरामदगी नक्सल प्रभावित इलाके में हुई है, जिससे चुनाव से पहले सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि यह बम किसी बड़े धमाके की साजिश के तहत यहां छिपाए गए थे। फिलहाल पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर मौजूद है और पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के घने जंगल में सुरक्षाबलों को नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद CRPF और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान दो बड़े कंटेनरों में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह बम IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तकनीक से बनाए गए लगते हैं, जिनका इस्तेमाल भारी नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता था।
जमुई एसपी ने कहा, “यह बरामदगी नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने में मील का पत्थर है। चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हम पूरी तरह अलर्ट हैं।”
बिहार चुनाव से पहले सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
बिहार चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के बाद राज्य में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। नक्सल प्रभावित जिलों में खास निगरानी रखी जा रही है। जमुई, गया, लखीसराय, और औरंगाबाद जैसे इलाकों में अतिरिक्त जवान भेजे गए हैं ताकि किसी भी संभावित आतंकी या नक्सली गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।बिहार पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के बीच लगातार समन्वय बैठकों का आयोजन हो रहा है। इस बार चुनाव आयोग ने भी नक्सल प्रभावित इलाकों में “सुरक्षित मतदान” सुनिश्चित करने के लिए विशेष सुरक्षा प्लान तैयार किया है।
स्थानीय लोगों में दहशत, लेकिन भरोसा भी
घटना की खबर मिलते ही आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल फैल गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा बलों की तत्परता से बड़ी अनहोनी टल गई।
चकाई ब्लॉक के निवासी रामनाथ यादव ने बताया, “हमारे इलाके में पहले भी नक्सली सक्रिय रहे हैं, लेकिन इस बार पुलिस की निगरानी बढ़ी है। सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से हम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”
बम निरोधक दस्ते ने किया निष्क्रिय
बम मिलने की सूचना के बाद बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) को तुरंत बुलाया गया। विशेषज्ञों ने दोनों कंटेनर बमों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित विस्फोट (Controlled Blast) से निष्क्रिय कर दिया। फिलहाल फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और विस्फोटक सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह विस्फोटक किस समूह द्वारा और कब यहां छिपाए गए थे। प्रारंभिक जांच में नक्सली संगठन CPI (माओवादी) का नाम सामने आ रहा है।
राजनीतिक हलचल भी तेज
चुनाव के मद्देनज़र इस घटना ने राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सुरक्षा चूक का आरोप लगाया है, वहीं सत्तारूढ़ दल ने सुरक्षाबलों की तत्परता की सराहना की है।
राज्य के गृह विभाग ने कहा है कि सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और चुनाव से पहले किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले वर्षों में भी हो चुकी हैं घटनाएं
जमुई और आसपास के क्षेत्र में पहले भी नक्सलियों ने कई बार पुलिस को निशाना बनाया है। 2023 में भी चकाई थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने एक पुलिस वाहन को निशाना बनाकर IED ब्लास्ट किया था, जिसमें दो जवान घायल हुए थे। ऐसे में इस बार की बरामदगी को चुनाव से पहले एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है
आगे की कार्रवाई
एसपी जमुई ने बताया कि पूरे क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी बढ़ा दी गई है। आसपास के गांवों में तलाशी अभियान जारी है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
बिहार चुनाव 2025 के बीच यह बरामदगी सुरक्षाबलों की सतर्कता का बड़ा उदाहरण है। अगर समय रहते यह विस्फोटक नहीं पकड़े जाते, तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते थे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई ने लोगों में भरोसा जगाया है कि चुनाव शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न होंगे।

