पटना/छपरा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य का सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। इस बार राजनीतिक दलों के साथ-साथ मनोरंजन जगत के चेहरे भी चुनावी मैदान में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव, जिनकी लोकप्रियता अब केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही है। हाल ही में छपरा में हुए एक जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान खेसारी लाल यादव को देखने और सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ी, जिससे यह साफ हो गया कि युवा वर्ग में उनका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
युवाओं में जबरदस्त क्रेज
छपरा के मैदान में जिस तरह का जनसैलाब देखने को मिला, उसने सबको चौंका दिया। हजारों की संख्या में युवा खेसारी लाल यादव के समर्थन में झंडे-बैनर लेकर पहुंचे। “खेसारी भइया जिंदाबाद” और “हमारा नेता कैसा हो – खेसारी जैसा हो” जैसे नारे पूरे कार्यक्रम में गूंजते रहे। भीड़ में मौजूद कई युवाओं ने कहा कि वे खेसारी लाल यादव को सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखते हैं जो आम लोगों की बात बेझिझक रखते हैं।
जनता से सीधा जुड़ाव बना रहे हैं खेसारी
कार्यक्रम के दौरान खेसारी लाल यादव ने कहा कि वे राजनीति में बदलाव लाने और जनता की आवाज़ बनने के लिए आगे आए हैं। उन्होंने मंच से कहा, “मैं राजनीति में पैसे या पद के लिए नहीं, बल्कि अपने बिहार को बेहतर बनाने के लिए आया हूं। मैं वही करूंगा जो जनता चाहेगी।”
उनकी इस बात पर युवाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
राजनीतिक दलों में हलचल
खेसारी लाल यादव की इस लोकप्रियता ने पारंपरिक राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा, राजद और जदयू जैसे बड़े दलों की नजर अब उनके बढ़ते जनाधार पर है। सूत्रों के मुताबिक, कई पार्टियों ने उनसे संपर्क साधा है ताकि उन्हें अपने साथ जोड़ा जा सके। हालांकि खेसारी ने अब तक किसी दल का औपचारिक रूप से नाम नहीं लिया है, लेकिन उनके हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि वे जल्द ही किसी पार्टी के साथ मंच साझा कर सकते हैं।
भोजपुरी सिनेमा से राजनीति तक का सफर
खेसारी लाल यादव का सफर संघर्ष से भरा रहा है। एक दूध बेचने वाले किसान परिवार से निकलकर उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके गीत, संवाद और फिल्मों ने उन्हें आम आदमी का चेहरा बना दिया। यही वजह है कि जब वे राजनीति की बात करते हैं तो लोग उन्हें ईमानदारी से सुनते हैं।
सोशल मीडिया पर छाए खेसारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी खेसारी लाल यादव का जलवा जारी है। उनके चुनावी कार्यक्रमों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #KhesariLalYadav और #ChhapraRally जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि वे युवाओं की नब्ज़ समझते हैं और सीधा संवाद स्थापित करने में सफल हैं।
जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का वादा
खेसारी ने अपने संबोधन में कहा कि वे बेरोजगारी, शिक्षा, और पलायन जैसे मुद्दों पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर जनता मौका देगी, तो वे बिहार को फिर से रोजगार का केंद्र बनाएंगे। उन्होंने कहा, “मैंने गरीबी देखी है, भूख देखी है, और पलायन का दर्द झेला है। मैं चाहता हूं कि बिहार का कोई बेटा पेट पालने के लिए घर से दूर न जाए।”
विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया
खेसारी की लोकप्रियता को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। राजद नेताओं ने कहा कि “सेलिब्रिटी राजनीति में आकर बिहार का भला नहीं कर सकते,” जबकि भाजपा नेताओं ने कहा कि “खेसारी जैसे ऊर्जावान चेहरे राजनीति में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।”
जनता की राय भी बंटी हुई है, लेकिन एक बात साफ है—बिहार की सियासत में अब मनोरंजन और जनभावनाओं का संगम देखने को मिल रहा है।
क्या छपरा बनेगा खेसारी का राजनीतिक गढ़?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर खेसारी लाल यादव चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो छपरा और आसपास के जिलों में समीकरण बदल सकते हैं। युवाओं, कलाकारों और आम जनता का समर्थन उन्हें एक नए विकल्प के रूप में उभार सकता है। बिहार चुनाव 2025 से पहले खेसारी लाल यादव का छपरा में दिखा यह जनसमर्थन एक बड़ा संकेत है कि जनता अब बदलाव चाहती है। चाहे वे किसी भी दल से जुड़ें या स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ें, यह तय है कि इस बार भोजपुरी सिनेमा का यह चेहरा बिहार की राजनीति में एक नई कहानी लिख सकता है।
खेसारी लाल यादव का यह जनाधार बताता है कि राजनीति में अब सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि व्यक्तित्व भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं का यह उत्साह बताता है कि वे अब ऐसे नेता चाहते हैं जो उनके जैसे हों — जमीन से जुड़े, सच्चे और ईमानदार।

