बिहार में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वीआईपी और वाम दलों) ने आज पटना में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया। महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया गया है। वहीं, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी समेत दो नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा की गई है। इस ऐलान के साथ ही बिहार की सियासत में नया समीकरण बन गया है।
तेजस्वी यादव होंगे महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार
महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अकिलेश सिंह, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी और वाम दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
प्रेस वार्ता में लालू प्रसाद यादव ने कहा—
“बिहार की जनता बदलाव चाहती है। अब वक्त आ गया है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक नया बिहार बनाया जाए।”
तेजस्वी यादव को 2025 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री उम्मीदवार (CM Face) घोषित किया गया है।
दो उपमुख्यमंत्री होंगे — एक सहनी और दूसरा कांग्रेस से
लालू यादव ने यह भी बताया कि अगर महागठबंधन की सरकार बनी, तो मुकेश सहनी (VIP) और कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
मुकेश सहनी ने कहा—
“हमने लंबे समय से मछुआ समाज और पिछड़ों के अधिकार के लिए आवाज उठाई है। अब महागठबंधन के साथ मिलकर हम बिहार को नई दिशा देंगे।”
कांग्रेस की ओर से उपमुख्यमंत्री के नाम को लेकर जल्द ही औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
तेजस्वी बोले— “बदलाव की लहर है, जनता इस बार रिकॉर्ड बनाएगी”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से परेशान है। उन्होंने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा—
“अब झूठ और छल की राजनीति नहीं चलेगी। जनता का मूड साफ है— इस बार बिहार में बदलाव होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर युवाओं के लिए 10 लाख सरकारी नौकरियों की योजना को फिर से लागू किया जाएगा। साथ ही किसानों के लिए कर्ज माफी योजना लाने की भी बात कही।
महागठबंधन का घोषणापत्र नवंबर में आएगा
महागठबंधन के नेताओं ने बताया कि चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) नवंबर के पहले सप्ताह में जारी किया जाएगा। इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, घोषणापत्र में हर जिले में नया औद्योगिक हब, और महिलाओं को 50% आरक्षण देने का वादा भी शामिल होगा।
भाजपा ने कसा तंज, कहा— “यह गठबंधन अवसरवायों का दिसमूह”
महागठबंधन के इस ऐलान के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा—
“तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार कभी नहीं बदल सकता। यह गठबंधन अवसरवादियों का जमावड़ा है, जिनका मकसद सिर्फ सत्ता पाना है, जनता का भला नहीं।”
वहीं भाजपा के दो वरिष्ठ नेता— गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा आज से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकें करेंगे और कई जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि महागठबंधन का यह ऐलान आगामी चुनाव में बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
पटना यूनिवर्सिटी के राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर डॉ. अजय मिश्रा का कहना है—
“तेजस्वी यादव को सीएम फेस बनाना महागठबंधन के लिए रणनीतिक कदम है। युवा वोट बैंक पर इसका असर पड़ सकता है, खासकर ग्रामीण और अति पिछड़ा वर्ग में।”
हालांकि भाजपा भी अपने पुराने जनाधार पर भरोसा कर रही है और विकास के एजेंडे के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है।
2025 के चुनाव में क्या होगा असर?
इस घोषणा के बाद अब बिहार की सियासत में सीधा मुकाबला महागठबंधन बनाम एनडीए (BJP+JDU) के बीच तय माना जा रहा है।
तेजस्वी यादव का युवाओं में प्रभाव और सहनी का पिछड़ा वर्ग में समर्थन महागठबंधन को फायदा पहुंचा सकता है।
वहीं भाजपा के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा और नीतीश कुमार का अनुभव है।
अगले कुछ हफ्तों में दोनों गठबंधनों की रैलियां और प्रचार अभियान चुनावी हवा का रुख तय करेंगे।
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का काउंटडाउन शुरू
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की संभावित तारीखें दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में हो सकती हैं।
राजनीतिक दल अब अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
महागठबंधन का यह ऐलान चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव ला सकता है।
तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस घोषित किए जाने से बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है। दो उपमुख्यमंत्रियों के फार्मूले के साथ गठबंधन ने सामाजिक संतुलन और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस नए समीकरण को कितना स्वीकार करती है और भाजपा कैसे इसका जवाब देती है।

