Patna, Bihar — आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav 2025) के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) की तैयारियां जोरों पर हैं। बिहार में राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ती जा रही है, जिसमें प्रमुख घटनाओं में एक ओर इंटरेस्टिंग टर्न लिया है। आज, चुनाव आयोग (EC) एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा, जिसमें आगामी चुनावों के लिए की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही, IRCTC घोटाले में लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ सुनवाई आज से रोजाना आधार पर शुरू हो गई है। इन दोनों घटनाओं का बिहार के राजनीति पर गहरा असर पड़ सकता है।
चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बिहार चुनाव 2025 के लिए तैयारी
चुनाव आयोग द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मुख्य रूप से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) के लिए रोडमैप, चुनावी प्रक्रिया, और राज्य में होने वाली व्यवस्थाओं की चर्चा की जाएगी। इस दौरान आयोग यह भी बताएगा कि किस प्रकार से राज्य भर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जाएगा।
चुनाव आयोग की तैयारियों में सशस्त्र बलों की तैनाती, मतदान केंद्रों की संख्या, और वीवीपैट (Voter Verifiable Paper Audit Trail) सहित ईवीएम (Electronic Voting Machines) की सुरक्षा पर भी फोकस किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने पहले ही यह साफ किया है कि इस बार हर मतदाता की वोटिंग प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी, जिससे चुनावी धांधली को रोकने के लिए नए उपाय किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, चुनावी खर्च की सीमा, उम्मीदवारों की घोषणा, और चुनावी आचार संहिता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा हो सकती है। आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ी हर जानकारी जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होगी क्योंकि आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव हो सकता है।
IRCTC घोटाला: लालू परिवार के खिलाफ सुनवाई
वहीं दूसरी ओर, बिहार की राजनीति में हलचल मचाने वाली एक और महत्वपूर्ण घटना भी घटित हो रही है। IRCTC घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ आज से रोजाना सुनवाई शुरू हो गई है। इस मामले में विशेष अदालत ने सुनवाई की प्रक्रिया को तेज़ करने का निर्णय लिया है, जिससे अब लालू परिवार के खिलाफ आरोपों पर रोजाना सुनवाई की जाएगी।
यह मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा है, लेकिन हाल ही में अदालत ने यह निर्देश दिया है कि रोजाना की सुनवाई से मामला जल्दी निपट सके और आरोपी पक्ष को किसी भी प्रकार की राहत न मिले। IRCTC घोटाले के आरोपों के मुताबिक, लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने रेलवे के दो होटलों के लिए कथित तौर पर जमीन के बदले अनधिकृत लाभ लिया।
इस मामले में लगातार राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है। विपक्षी पार्टियां इसे लालू परिवार पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप मान रही हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और उनके समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध के तौर पर देख रहे हैं। अब यह देखना बाकी है कि इस मामले में अदालत का क्या निर्णय आता है और इसका बिहार चुनाव 2025 पर क्या असर पड़ेगा।
चुनाव 2025 के लिए बढ़ता राजनीतिक तनाव
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 की ओर बढ़ते हुए, राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी, जनता दल यूनाइटेड (JDU) और उनके सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार की सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस भी चुनावी मैदान में अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार हैं।
बिहार में राजनीतिक समीकरण बदलते रहते हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में IRCTC घोटाले का असर जरूर देखने को मिलेगा। यदि लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह उनकी पार्टी RJD के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा तय की गई नई चुनावी प्रक्रियाएँ और तकनीकी उपाय भी इस चुनाव को ऐतिहासिक बना सकते हैं।
जैसा कि हम देख सकते हैं, बिहार चुनाव 2025 की दिशा में कई बड़े घटनाक्रम हो रहे हैं। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर IRCTC घोटाले में रोजाना सुनवाई तक, हर घटना बिहार की राजनीति को प्रभावित कर सकती है। इस बीच, विपक्षी दल और सत्ताधारी दल अपनी-अपनी रणनीतियाँ तैयार करने में जुटे हुए हैं। आगामी कुछ महीनों में इन घटनाओं के राजनीतिक और कानूनी परिणाम बिहार के चुनावी माहौल को तय करेंगे।
बिहार की जनता और राजनीतिक विश्लेषक इन घटनाओं पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इनसे राज्य की राजनीति में नई दिशा मिल सकती है। आगे क्या होता है, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन यह सच है कि 2025 के चुनावों में यह घटनाएँ अहम भूमिका निभाने वाली हैं।

