रांची, झारखंड – झारखंड के यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात आने वाली है। भारतीय रेलवे ने राज्य की राजधानी रांची से चलने वाली 6 नई वंदे भारत ट्रेनों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। जैसे ही केंद्र से मंजूरी मिलेगी, रांची और अन्य प्रमुख शहरों के बीच हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस दौड़ने लगेगी। यह योजना झारखंड के रेल नेटवर्क को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और राज्य को देश के अन्य हिस्सों से तेज़, आधुनिक और आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
कहां-कहां चलेंगी नई वंदे भारत ट्रेनें
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रांची से चलने वाली छह नई वंदे भारत ट्रेनों के लिए जो रूट प्रस्तावित किए गए हैं, वे इस प्रकार हैं —
1. रांची – पटना वंदे भारत एक्सप्रेस
2. रांची – वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस
3. रांची – कोलकाता वंदे भारत एक्सप्रेस
4. रांची – भुवनेश्वर वंदे भारत एक्सप्रेस
5. रांची – गया – नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस
6. रांची – टाटा – पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस
इन सभी रूटों पर वर्तमान में इंटरसिटी या जनशताब्दी ट्रेनें चलती हैं, लेकिन वंदे भारत की शुरुआत से यात्रियों को बेहतर समय प्रबंधन, प्रीमियम सुविधाएं और तेज़ सफर का लाभ मिलेगा।
रेल मंत्रालय ने भेजा प्रस्ताव, जल्द मिल सकती है मंजूरी
रेल मंत्रालय ने पूर्व मध्य रेलवे और दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रस्ताव तैयार कर रेल भवन, नई दिल्ली को भेज दिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही इन ट्रेनों की शुरुआत की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
रांची से शुरू होने वाली यह परियोजना झारखंड के लिए ऐतिहासिक साबित होगी क्योंकि इससे पहली बार राज्य में इतनी बड़ी संख्या में वंदे भारत ट्रेनें एक साथ चलाई जाएंगी।
यात्रियों को मिलेंगी ये खास सुविधाएं
नई वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों को निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं मिलने की संभावना है —
स्वचालित दरवाजे और GPS-आधारित इंफो सिस्टम
वाई-फाई कनेक्टिविटी और मनोरंजन स्क्रीन
160 km/h की अधिकतम रफ्तार
बायोवैक्यूम टॉयलेट्स और पावर सॉकेट
व्हीलचेयर और दिव्यांग अनुकूल डिजाइन
झारखंड के परिदृश्य से प्रेरित इंटीरियर थीम
इन सुविधाओं के चलते वंदे भारत को भारत की “सेमी-हाई स्पीड प्रीमियम ट्रेन” माना जाता है।
रेलवे अधिकारियों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
पूर्व मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“रांची से चलने वाली छह नई वंदे भारत ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसका उद्देश्य राज्य की राजधानी को अन्य प्रमुख शहरों से तेज़ और आधुनिक रेल कनेक्शन देना है।”
वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य के लिए “कनेक्टिविटी क्रांति” साबित होगी। इससे पर्यटन, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी आएगी।
रांची बनेगा झारखंड का वंदे भारत हब
रांची जंक्शन को वंदे भारत संचालन के लिए एक मिनी मेंटेनेंस डिपो के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे ट्रेन की सर्विसिंग, तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों को स्थानीय स्तर पर ही पूरा किया जा सकेगा।
रेलवे इंजीनियरों के अनुसार, रांची को केंद्र बनाकर आसपास के शहरों जैसे धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, बोकारो, देवघर और दुमका को भी तेज रेल संपर्क से जोड़ा जाएगा।
यात्रियों को होगा सीधा लाभ
नई वंदे भारत ट्रेनों के शुरू होने से —
रांची से कोलकाता की यात्रा समय 7 घंटे से घटकर 4 घंटे रह जाएगी।
रांची से वाराणसी 10 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे में पूरी होगी।
पटना, दिल्ली और पुरी के लिए भी यात्रा का समय 30-40% तक घट जाएगा।
यह न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि झारखंड के व्यापारिक और धार्मिक स्थलों की पहुंच को भी आसान बनाएगा।
वंदे भारत परियोजना से झारखंड को क्या फायदा होगा
पर्यटन उद्योग को मिलेगा बढ़ावा (देवघर, पारसनाथ, रजरप्पा जैसे तीर्थस्थलों तक आसान पहुंच)
राज्य के युवाओं को रेलवे और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार अवसर
व्यापारिक गतिविधियों में तेजी
पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था
झारखंड का “स्मार्ट ट्रांसपोर्ट हब” बनने की दिशा में कदम
रांची से 6 नई वंदे भारत ट्रेनों का प्रस्ताव झारखंड के रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। यदि केंद्र सरकार से जल्द मंजूरी मिलती है, तो अगले कुछ महीनों में झारखंड की धरती पर तेज़ रफ्तार से दौड़ती नीली-सफेद वंदे भारत एक्सप्रेसें देखने को मिलेंगी। यह झारखंड के विकास और आधुनिक भारत के सपने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

