बिहार/भागलपुर/ बिहार विधानसभा चुनाव के बीच अब प्रचार का माहौल अपने चरम पर है। इसी कड़ी में झारखंड के गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे रविवार को बिहार के पीरपैती विधानसभा क्षेत्र पहुंचे, जहां वे एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करेंगे। अपने बेबाक बयानों और दमदार भाषण शैली के लिए जाने जाने वाले डॉ दुबे ने कहा कि बिहार और झारखंड का रिश्ता सिर्फ भौगोलिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक भी है, और अब समय आ गया है कि विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया जाए।
निशिकांत दुबे का चुनावी दौरा
जानकारी के मुताबिक, सांसद निशिकांत दुबे का यह दौरा बिहार चुनाव में एनडीए की रणनीति के तहत बेहद अहम माना जा रहा है। वे रविवार दोपहर पीरपैती पहुंचकर एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान उनके साथ बीजेपी और जेडीयू के स्थानीय नेता भी मौजूद रहेंगे।
डॉ दुबे ने मीडिया से बातचीत में कहा—
“पीरपैती के लोग अब बदलाव के मूड में हैं। एनडीए सरकार ने जिस तरह से बिहार और देश में विकास के कार्य किए हैं, वो जनता देख रही है। आज गांव-गांव तक सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा की पहुंच हुई है। हमें उसी विकास को और आगे बढ़ाना है।”
जनता से सीधा संवाद
पीरपैती में होने वाली इस जनसभा के लिए प्रशासन और स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पूरी तैयारी कर ली है। मंच सज चुका है, पोस्टर और बैनर पूरे इलाके में लगाए गए हैं। अनुमान है कि हजारों की संख्या में लोग इस सभा में शामिल होंगे।
सांसद दुबे यहां न सिर्फ एनडीए प्रत्याशी के लिए वोट मांगेंगे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपलब्धियों को भी जनता के बीच रखेंगे।
उन्होंने कहा—
“हमारी सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन, आवास, और आयुष्मान भारत जैसी सुविधाएं दीं। आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और यह गर्व की बात है कि बिहार भी इस प्रगति का हिस्सा बन रहा है।”
एनडीए के लिए बड़ा चेहरा बने निशिकांत दुबे
डॉ निशिकांत दुबे बीजेपी के वरिष्ठ सांसद हैं और पार्टी के आक्रामक प्रचारकों में गिने जाते हैं। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं और विपक्ष पर तीखे प्रहार करने के लिए जाने जाते हैं।
बिहार चुनाव में वे लगातार एनडीए उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने उन्हें सीमावर्ती इलाकों में प्रचार का जिम्मा दिया है क्योंकि वहां झारखंड से लगती सीमाओं का प्रभाव मतदान पर पड़ता है।
विपक्ष पर निशाना
जनसभा के दौरान निशिकांत दुबे ने विपक्षी दलों पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा—
“विपक्ष के पास ना तो कोई नीति है, ना नेता और ना नीयत। बिहार को अराजकता और भ्रष्टाचार के रास्ते पर ले जाने वालों को जनता अब माफ नहीं करेगी। एनडीए ही बिहार को स्थिरता और विकास की राह पर ले जा सकता है।”
उन्होंने जनता से अपील की कि वे जाति और धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि विकास के नाम पर वोट दें।
स्थानीय मुद्दों पर भी बोले दुबे
डॉ दुबे ने कहा कि पीरपैती जैसे सीमावर्ती इलाकों में उद्योग और शिक्षा का बड़ा विस्तार किया जा सकता है। उन्होंने केंद्र की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि इन योजनाओं ने गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
“हमारा उद्देश्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। हम विकास की राजनीति करते हैं, न कि वंशवाद की,” उन्होंने जोड़ा।
जनता का उत्साह
डॉ दुबे के कार्यक्रम को लेकर इलाके में भारी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही लोग सभा स्थल पर जुटने लगे थे। महिलाओं और युवाओं में खासा जोश नजर आया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी बड़े स्तर पर प्रचार अभियान चलाया, जिससे पूरा इलाका चुनावी माहौल में रंग गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ निशिकांत दुबे अपने काम और बोलने के अंदाज से जनता के दिल में जगह बना चुके हैं।
एनडीए का मिशन 2025
बिहार में एनडीए का लक्ष्य इस बार 2025 तक के विकास रोडमैप को जनता के बीच रखना है। प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत” विज़न के तहत बिहार को भी आत्मनिर्भर और औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
डॉ दुबे ने कहा कि बिहार में निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने की योजना है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रोजगार और विकास के मुद्दों पर सही निर्णय लें।
डॉ निशिकांत दुबे का बिहार दौरा एनडीए के चुनावी अभियान को और मजबूती देने वाला साबित हो सकता है। उनके भाषण और जनता से जुड़ाव की शैली का असर आगामी मतदान पर स्पष्ट दिख सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या एनडीए इस जनसमर्थन को मतों में बदल पाती है या नहीं।

