पटना । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब स्वतंत्र संस्था नहीं रह गई है, बल्कि बीजेपी के एजेंडे पर काम कर रही है। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने “देश की जनता से खुलेआम झूठ बोला” है।
राहुल गांधी के इस बयान से बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। जहां कांग्रेस समर्थक इसे “सच्चाई की आवाज़” बता रहे हैं, वहीं बीजेपी ने इसे “हताशा और निराशा की राजनीति” कहा है।
‘मुख्य चुनाव आयुक्त ने झूठ बोला’ – राहुल गांधी का बड़ा बयान
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“मुख्य चुनाव आयुक्त ने जिस तरह से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बयान दिया, वह झूठा और भ्रामक है। वास्तविकता यह है कि बिहार में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है, और विपक्षी उम्मीदवारों को दबाया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है, लेकिन इस बार पूरे देश में यह साफ दिख रहा है कि संस्थाओं पर दबाव है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन के उम्मीदवारों को प्रचार की अनुमति देने में अड़चनें डाली जा रही हैं, जबकि बीजेपी के नेताओं को छूट दी जा रही है।

बीजेपी पर ‘चुनाव में धांधली’ के आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि “बीजेपी बिहार में प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।”
“बीजेपी नेताओं के पास पैसा, मीडिया और सरकारी मशीनरी है। जनता को बरगलाने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। लेकिन बिहार की जनता इस बार सबक सिखाएगी,” – राहुल गांधी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन जनता के मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि बीजेपी जाति और धर्म की राजनीति कर रही है।
बिहार में पहले चरण की 121 सीटों पर मतदान
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना है। इन सीटों पर कुल 1,200 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं।
कांग्रेस और महागठबंधन ने इस चरण में बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा है। वहीं बीजेपी और एनडीए ‘विकास’ और ‘स्थिर सरकार’ के नारे के साथ मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं।
बीजेपी की प्रतिक्रिया: ‘राहुल गांधी चुनाव हारने के डर से बयान दे रहे हैं’
राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा,
“राहुल गांधी को हर चुनाव से पहले चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाने की आदत हो गई है। जब हार सामने दिखती है, तो कांग्रेस संस्थाओं पर हमला करने लगती है।”
पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था है, और राहुल गांधी के बयान से यह साफ है कि कांग्रेस ने पहले ही हार मान ली है।
कांग्रेस का पलटवार: ‘सत्य बोलने से डरती है बीजेपी’
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी को लोकतंत्र का ‘D’ भी नहीं पता।
“राहुल गांधी ने जो कहा, वह हर विपक्षी दल की पीड़ा है। चुनाव आयोग को चाहिए कि वह जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए कार्रवाई करे, न कि सत्ता के दबाव में आए।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज उठाती रहेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
राजनीतिक माहौल गरमाया, पहले चरण से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज
पहले चरण के मतदान से पहले बिहार का सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
एक ओर बीजेपी और एनडीए ‘विकास और सुशासन’ के मुद्दे पर जनता से वोट मांग रहे हैं, वहीं महागठबंधन ‘बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार’ को मुख्य चुनावी मुद्दा बना रहा है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे राज्य में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं बीजेपी इसे चुनावी नौटंकी बता रही है।
जनता के बीच क्या असर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान विपक्षी वोटरों को एकजुट करने का प्रयास है।
वरिष्ठ राजनीतिक टिप्पणीकार अरविंद मिश्रा के अनुसार,
“राहुल गांधी का यह बयान रणनीतिक रूप से बिहार में एनडीए के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश है। हालांकि, इसका वास्तविक असर मतदान पर कितना पड़ेगा, यह कहना जल्दबाजी होगी।”
उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण, गठबंधन की मजबूती और स्थानीय उम्मीदवार की साख, तीनों का बड़ा असर पड़ता है।
बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण से ठीक पहले राहुल गांधी के इस तीखे बयान ने राजनीतिक पारा और बढ़ा दिया है।
एक ओर बीजेपी इसे कांग्रेस की ‘निराशा’ बता रही है, वहीं कांग्रेस का दावा है कि “सत्ता के दबाव में संस्थाएं झुक गई हैं।”
अब देखना होगा कि इस विवाद का असर पहले चरण के मतदान और मतदाताओं के रुझान पर कितना पड़ता है।

