पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल अब पूरी तरह गरम हो चुका है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, राज्य की सियासत में हर दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहा है। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार की जनता से एक भावनात्मक अपील की है — “आपका एक वोट बिहार का भविष्य बदल सकता है।”
चिराग पासवान ने मंगलवार को अपने चुनावी प्रचार के दौरान कहा कि बिहार को अब ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो न सिर्फ राज्य के विकास की बात करे, बल्कि उसे जमीनी हकीकत में उतारे। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा बिहार के स्वाभिमान और युवाओं की उम्मीदों के लिए लड़ाई लड़ी है, और आने वाले चुनाव में जनता इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा, “मैं बिहार की जनता से हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि अब वक्त आ गया है जब हमें जाति-धर्म से ऊपर उठकर बिहार के विकास के लिए वोट करना चाहिए। अगर आप ईमानदारी से सोचें और मतदान करें, तो बिहार की तस्वीर बदल सकती है।”
बिहार के विकास पर फोकस
चिराग पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि आज भी बिहार के गांवों में बिजली, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो सरकार 18 साल में बिहार को रोजगार नहीं दे पाई, उससे अब कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।”
उन्होंने दावा किया कि अगर लोजपा (रामविलास) को मौका मिला तो राज्य में निवेश बढ़ाने, उद्योग लगाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार के हर जिले में “उद्योग कॉरिडोर” बनाना उनकी प्राथमिकता होगी ताकि राज्य के युवा रोजगार के लिए पलायन न करें।

‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ विजन को दोहराया
चिराग पासवान ने अपने पुराने विजन “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” को एक बार फिर जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि बिहार की आत्मा है।
“मैंने हमेशा यह कहा है कि अगर बिहार को आगे बढ़ाना है तो बिहारी को आगे लाना होगा। चाहे शिक्षा हो, उद्योग हो या तकनीकी विकास — हम सबको मिलकर यह सपना साकार करना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार के लोगों को अब ऐसे नेता की जरूरत है जो वादे न करे, बल्कि विकास को धरातल पर उतारे।
युवाओं और महिलाओं को लेकर विशेष योजना
चिराग पासवान ने इस दौरान युवाओं और महिलाओं को लेकर कई वादे किए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो युवा उद्यमियों के लिए “स्टार्टअप बिहार मिशन” शुरू किया जाएगा, जिसमें 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने कहा कि हर जिले में “महिला सुरक्षा हेल्पलाइन” को और मजबूत किया जाएगा तथा आत्मरक्षा प्रशिक्षण को स्कूल स्तर पर अनिवार्य किया जाएगा।
एनडीए और महागठबंधन दोनों पर साधा निशाना
चिराग पासवान ने अपने संबोधन में न सिर्फ महागठबंधन बल्कि एनडीए पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि “आज दोनों गठबंधन बिहार की जनता को सिर्फ वादे दे रहे हैं, लेकिन कोई ठोस काम नहीं कर रहा। हमने बिहार के लिए जो सोचा है, वह न किसी गठबंधन पर निर्भर है और न किसी कुर्सी पर।”
उन्होंने कहा कि उनका मकसद सत्ता नहीं, बल्कि सेवा है। “मैं राजनीति को समाज सेवा के माध्यम के रूप में देखता हूं। अगर बिहार के लोग मुझे भरोसा देंगे तो मैं साबित कर दूंगा कि राजनीति ईमानदारी से भी की जा सकती है।”
जनता के बीच बढ़ रहा चिराग का प्रभाव
बिहार की राजनीति के जानकारों का मानना है कि चिराग पासवान इस बार युवाओं और पहली बार वोट देने वालों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके कैंपेन “बदलाव का चिराग” को काफी समर्थन मिल रहा है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर चिराग अपने वोट बैंक को सही दिशा में संगठित कर लेते हैं तो वह चुनाव में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कई सीटों पर उनका प्रभाव निर्णायक साबित हो सकता है।
जनता से अपील: वोट जरूर करें
अपने भाषण के अंत में चिराग पासवान ने कहा, “मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं — घर में बैठे मत रहिए, निकलकर वोट कीजिए। बिहार का भविष्य आपके हाथ में है। अगर आप बदलाव चाहते हैं, तो आपका एक वोट उस बदलाव की शुरुआत कर सकता है।”
बिहार में पहले चरण का मतदान 7 नवंबर को होना है और सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में चिराग पासवान की यह अपील चुनावी माहौल में नया जोश भर रही है।

