बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में जहां पूरे राज्य में मतदान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, वहीं कुछ जिले ऐसे भी हैं जो न सिर्फ लोकतंत्र के इस महापर्व का हिस्सा हैं, बल्कि अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध हैं। चुनावी सफर के साथ इन जिलों की यात्रा कर आप न केवल अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से भी रूबरू हो सकते हैं।
बिहार के पांच ऐसे प्रमुख जिले हैं —
गया, वैशाली, नालंदा, मुजफ्फरपुर और पटना — जो अपने ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए देशभर में जाने जाते हैं।
1. गया – मोक्षभूमि और बुद्ध की साधना स्थली
गया जिले का नाम सुनते ही सबसे पहले बोधगया और विष्णुपद मंदिर की याद आती है। माना जाता है कि भगवान विष्णु ने इसी भूमि पर राक्षस ‘गयासुर’ को मोक्ष प्रदान किया था। बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
हर साल लाखों पर्यटक और बौद्ध धर्मावलंबी इस पवित्र स्थल पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अगर आप वोट डालने के लिए गया जा रहे हैं तो इस बार बोधगया या फल्गु नदी तट पर पिंडदान स्थलों का भी दर्शन जरूर करें।

2. नालंदा – शिक्षा का गौरवशाली प्रतीक
नालंदा जिले का नाम दुनिया की सबसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक नालंदा विश्वविद्यालय के कारण विश्व प्रसिद्ध है। यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र था बल्कि भारत की वैचारिक संपदा का प्रतीक भी।
बौद्ध भिक्षुओं के अध्ययन और ज्ञान की पवित्र भूमि रही नालंदा आज भी अपने खंडहरों में इतिहास की गूंज सुनाती है। बोधगया से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित नालंदा में प्राचीन स्थापत्य कला और ऐतिहासिक अवशेष देखने लायक हैं।
3. वैशाली – गणराज्य की जन्मस्थली और महावीर की भूमि
वैशाली जिला भारत की प्राचीनतम गणराज्य प्रणाली का प्रतीक रहा है। यही वह भूमि है जहां भगवान महावीर का जन्म हुआ था और भगवान बुद्ध ने भी अनेक बार यहां प्रवास किया।
वैशाली में स्थित अशोक स्तंभ, बुद्ध स्तूप और महावीर मंदिर आज भी उस गौरवशाली इतिहास की गवाही देते हैं। चुनाव के दौरान यदि आप वैशाली जिले में मतदान करने जा रहे हैं, तो इन स्थलों का दर्शन आपके सफर को और खास बना सकता है।
4. मुजफ्फरपुर – लीची नगरी और धार्मिक केंद्र
मुजफ्फरपुर को लीची नगरी के नाम से जाना जाता है, लेकिन यह शहर धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां स्थित बाबा गरजस्थान मंदिर, राजकिरणेश्वर महादेव और झाझा के पास का हरिहरनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं।
मतदान के साथ-साथ यहां की प्रसिद्ध लीची का स्वाद लेना न भूलें। चुनावी यात्रा के दौरान मुजफ्फरपुर का यह मीठा अनुभव आपको ताजगी से भर देगा।
5. पटना – बिहार की राजधानी और धार्मिक धरोहरों का खजाना
बिहार की राजधानी पटना न केवल राजनीतिक केंद्र है बल्कि यह धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत समृद्ध है।
यहां का पाटलिपुत्र का इतिहास मौर्य और गुप्त काल से जुड़ा है। पटना साहिब गुरुद्वारा सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली है। इसके अलावा गोलघर, कुम्हरार, महावीर मंदिर और गांधी मैदान जैसे स्थल पटना को विशेष पहचान देते हैं।
मतदान के बाद अगर आप इन ऐतिहासिक स्थलों की सैर करते हैं तो यह दिन लोकतंत्र और संस्कृति दोनों की अनुभूति देगा।
पर्यटन के साथ लोकतंत्र का उत्सव
चुनाव सिर्फ एक मतदान प्रक्रिया नहीं बल्कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है। ऐसे में अगर आप अपने जिले में वोट डालने जा रहे हैं, तो वहां की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों का भी अनुभव लेना बिहार की असली आत्मा को महसूस करने जैसा होगा।
राज्य सरकार और चुनाव आयोग भी मतदाताओं से अपील कर रहे हैं कि मतदान को केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उत्सव की तरह मनाएं।
इन 5 जिलों में मौजूद पर्यटन स्थल न केवल बिहार की पहचान हैं बल्कि यह लोगों को जोड़ने और प्रेरित करने का माध्यम भी हैं। इस बार वोट डालने के साथ बिहार की इस अद्भुत सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा जरूर बनें।

