नई दिल्ली: (संबंधित रिपोर्टिंग क्षेत्र) लोकसभा में सोमवार को ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार का असली उद्देश्य जनता को मौजूदा मुद्दों से भटकाना है, और इसके लिए वह अतीत को फिर से ताजा कर रही है। प्रियंका का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के सामने कई अहम समस्याएं हैं, जिनकी ओर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है।

प्रियंका गांधी ने क्या कहा? प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “आज देश में कई गंभीर मुद्दे हैं, जैसे बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और शिक्षा के क्षेत्र में हो रही गिरावट। लेकिन सरकार ने इन सभी मुद्दों को नकारते हुए जनता का ध्यान अतीत की ओर खींचने का काम किया है। वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर इस तरह की चर्चा केवल एक राजनीतिक आयोजन से अधिक कुछ नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे देश में ऐसी बहुत सी समस्याएं हैं जिनका समाधान तत्काल चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार ने इन मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए अतीत की बातें उठाई हैं। सरकार की ये कोशिशें एक प्रकार से हमारी वर्तमान समस्याओं से मुंह मोड़ने और जनता को भ्रमित करने की रणनीति हैं।”
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में यह भी कहा कि वर्तमान समय में जहां देश को रोजगार, आर्थिक सुधार और विकास की आवश्यकता है, वहां इस तरह की आयोजनों से स्थिति बदलने वाली नहीं है। “हमारे नेताओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और तात्कालिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए,” प्रियंका ने अपनी बात पूरी की।
‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक महत्वता ‘वंदे मातरम्’ गीत का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने इसके ऐतिहासिक महत्व को भी स्वीकार किया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इस गीत का स्मरण और सम्मान करना तो जरूरी है, लेकिन इसका राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक प्रेरणा का स्रोत बना था, लेकिन आज की स्थिति में हमें अपनी वर्तमान समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मोदी सरकार के खिलाफ आरोप प्रियंका ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए ऐसे आयोजन कर रही है, जो केवल जनता का ध्यान भटकाने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार सच में देश की भलाई के लिए काम कर रही होती, तो वो मौजूदा संकटों पर ध्यान देती।
“सरकार की प्राथमिकता केवल चुनावी मुद्दों पर है, जिनसे वो अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहती है। लेकिन यह जनता की समस्याओं से भागने का तरीका नहीं हो सकता,” प्रियंका ने कहा।
वर्तमान समस्याओं पर जोर प्रियंका गांधी ने बेरोजगारी, महंगाई और स्वास्थ्य संकट पर खास तौर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब देश के युवा रोजगार के अवसरों की तलाश कर रहे हैं और किसान अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं पा रहे हैं, तब सरकार को इन समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कोरोना महामारी के बाद जो संकट पैदा हुआ, उसे लेकर सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना नहीं है। साथ ही, देश की शिक्षा प्रणाली की हालत पर भी उन्होंने सवाल उठाए। “सरकार को इन सभी मुद्दों पर काम करना चाहिए, न कि ऐसी राजनीतिक रणनीतियों में उलझ कर देश की वास्तविक समस्याओं से नजरें चुरानी चाहिए।”
कांग्रेस का रुख प्रियंका गांधी के इस बयान से कांग्रेस पार्टी ने अपनी नीतियों पर भी रुख स्पष्ट किया। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी हमेशा से भारत के स्वतंत्रता संग्राम और उसके नायकों को सम्मान देती रही है। लेकिन साथ ही कांग्रेस ने यह भी कहा कि सरकार को अपनी नीतियों पर काम करना चाहिए और जनता के लिए सच्चे समाधान देने चाहिए। पार्टी ने यह भी साफ किया कि ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान करने का अर्थ यह नहीं कि मौजूदा समस्याओं की अनदेखी की जाए।
सरकार का पक्ष इस विशेष चर्चा के दौरान मोदी सरकार ने अपनी ओर से कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, सरकार के प्रवक्ताओं ने दावा किया कि उनकी सरकार हमेशा देश की समस्याओं को प्राथमिकता देती रही है और ‘वंदे मातरम्’ जैसी घटनाएं सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर का सम्मान करने के लिए होती हैं।
निष्कर्ष प्रियंका गांधी वाड्रा का यह बयान इस बात को और स्पष्ट करता है कि भारतीय राजनीति में कभी अतीत के मुद्दों को लेकर विवाद हो सकते हैं, तो कभी वर्तमान के मुद्दों को लेकर। चाहे जिस भी मुद्दे पर बात की जाए, यह ज़रूरी है कि सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर देश की समस्याओं का समाधान ढूंढ़े। ‘वंदे मातरम्’ पर चर्चा सिर्फ एक राजनीतिक मंच नहीं हो सकता, बल्कि यह एक ऐसा मुद्दा होना चाहिए, जो हमारे वर्तमान को सशक्त बनाने में मदद करे।

