देवघर। शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक बाजला चौक से बस स्टैंड की ओर जाने वाली सड़क इन दिनों गंभीर अव्यवस्था की मार झेल रही है। इंडियन बैंक के ठीक सामने सड़क किनारे लगाया गया एक ठेला और उसके संचालक द्वारा सुविधा के लिए सड़क से सटाकर खड़ी की गई मारुति वैन लगातार दुर्घटना को निमंत्रण दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कोई एक दिन की नहीं, बल्कि प्रतिदिन शाम के समय लगभग चार बजे से देर रात तक जारी रहती है, जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।

भीड़ और जाम से बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा
इंडियन बैंक के सामने लगी दुकान के कारण सड़क का वह हिस्सा अत्यंत संकरा हो जाता है। दुकान पर खरीदारी के लिए जुटने वाली भीड़, सड़क पर खड़ी वैन और उससे उत्पन्न अव्यवस्था से वाहनों की रफ्तार अचानक कम हो जाती है। इस दौरान बाइक सवार, ई-रिक्शा, स्कूटी और चारपहिया वाहन एक-दूसरे से सटकर गुजरने को मजबूर होते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार अचानक सामने से तेज रफ्तार वाहनों के आने पर लोग अपना संतुलन खो देते हैं और टक्कर की नौबत बन जाती है। जिस जगह यह ठेला लगा है, वह सड़क का सबसे संवेदनशील हिस्सा है, क्योंकि यहां से बस स्टैंड, सुभाष चौक और बाजला चौक—तीनों तरफ भारी ट्रैफिक का दबाव रहता है।
आसपास फैली गंदगी से बढ़ी परेशानी
ठेला संचालक द्वारा बेतरतीब तरीके से कचरा फेंके जाने से आसपास गंदगी भी फैल रही है। राहगीरों और दुकानदारों को इससे दुर्गंध व असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के किनारे जमा कचरा जलजमाव व मच्छरों का कारण भी बन रहा है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से भी चिंताजनक है।
क्लिनिक और नर्सिंग होम होने से मार्ग का महत्व बढ़ा
बाजला चौक से सुभाष चौक तक शहर के लगभग सभी प्रमुख प्राइवेट क्लिनिक व नर्सिंग होम स्थित हैं। यहां दिनभर मरीजों, तीमारदारों और एंबुलेंस का आवागमन जारी रहता है।
ऐसे में सड़क किनारे ठेला, खड़ी वैन और भीड़ की वजह से एंबुलेंस को निकलने में कठिनाई होती है। कई बार एंबुलेंस को यहां जाम में फंसते देखा गया है, जिससे मरीजों के जीवन पर सीधा संकट मंडराने लगता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि “किसी भी दिन किसी बड़े मरीज की जान सिर्फ इस अव्यवस्था के कारण जा सकती है।”
हाल ही में सड़क हादसे में गई युवक की जान
यह स्थिति कितनी गंभीर है, इसका उदाहरण बीते दिन ही देखने को मिला जब इसी मार्ग के मॉडर्न पब्लिक स्कूल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई। वह व्यक्ति सड़क से काफी दूर, स्कूल के द्वार के पास खड़ा था, फिर भी तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया।
लोगों का कहना है कि यदि सड़कें व्यवस्थित, अवरोध रहित और चौड़ी होतीं, तो ऐसे हादसों की संभावना कम हो सकती थी।
स्थानीय लोगों की पीड़ा—प्रशासन से कार्रवाई की मांग
रोजमर्रा के जाम, जोखिम और अव्यवस्था से परेशान लोगों ने नगर निगम से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि ठेला संचालक ने सड़क पर निजी कब्ज़े जैसा माहौल बना रखा है। न केवल ठेला हटवाना जरूरी है बल्कि सड़क पर खड़ी मारुति वैन को भी निष्कासन क्षेत्र से बाहर करने की जरूरत है।
लोगों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते नगर निगम ने कदम नहीं उठाया, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता जरूरी
बाजला चौक–बस स्टैंड मार्ग शहर की जीवन रेखा मानी जाती है। हजारों लोग इसी सड़क से प्रतिदिन गुजरते हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, फुटपाथ अतिक्रमण नियंत्रण और सड़क चौड़ीकरण को लेकर कई बार योजनाएं बनीं, लेकिन जमीनी स्तर पर खास बदलाव नजर नहीं आया।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि—
ऐसे अतिक्रमण दुर्घटना के मुख्य कारण होते हैं
सड़क किनारे ठेले व स्थायी ढांचे हटाए बिना ट्रैफिक व्यवस्थित करना असंभव है
एंबुलेंस के आवागमन वाले क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवरोध बेहद खतरनाक होता है
प्रशासन की सक्रियता ही रोक सकती है हादसों को
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि नगर निगम तुरंत इस ठेले और अवैध पार्किंग को हटाने की कार्रवाई करे। साथ ही इस मार्ग पर नियमित पुलिस गश्त, पार्किंग व्यवस्था और अतिक्रमण विरोधी अभियान की आवश्यकता है।
यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या आने वाले दिनों में और गहरी हो जाएगी और छोटे-छोटे अवरोध कभी भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं।
