देवघर। मोहनपुर थाना क्षेत्र में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब मृतक विनोद मंडल के परिजन तथा गांव के सैकड़ों लोगों ने थाना का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजन लगातार पुलिस प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उनके बेटे और भाई की हत्या करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे। मृतक की बहन शैंपू देवी ने भावुक होते हुए कहा कि, “पिछले चार दिनों से मेरा भाई लापता था। इसकी शिकायत हमने बतिया थाना में दर्ज कराई थी। मेरा भाई अपने दोस्त के साथ झुमराज स्थान पूजा में शामिल होने गया था, इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। अब हमें पता चला है कि उसे गोली मारकर हत्या कर दी गई। जब तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं होंगे, हम थाना का घेराव खत्म नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो पूरा परिवार जहर खाकर पुलिस थाने के सामने ही मर जाएगा।”

परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और न्याय की उम्मीद धूमिल होती जा रही है। परिजनों की पीड़ा और आक्रोश को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए और थाना परिसर के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी।
लापता विनोद मंडल का शव मिला जंगल में
गौरतलब है कि गुरुवार को बिहार राज्य के चंद्र मंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कर्ना सात भैया जंगल में पुलिस ने एक अज्ञात शव बरामद किया था। शिनाख्त के बाद पुष्टि हुई कि शव मोहनपुर थाना क्षेत्र के तिलैया मंझियाना गांव निवासी विनोद मंडल का है। शव की स्थिति और मिले प्रारंभिक साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि विनोद की गोली मारकर हत्या की गई है। यह खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया और परिजन लगातार बेहोश हो रहे थे।
परिवार ने पुलिस पर लगाया उदासीनता का आरोप
विनोद मंडल की बहन शैंपू देवी ने बताया कि जब भाई लापता हुआ, तो उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने खोजबीन में कोई सक्रियता नहीं दिखाई। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस गंभीरता दिखाती तो शायद विनोद की जान बच सकती थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि अपराधी इलाके में सक्रिय हैं और पुलिस की कमजोर कार्रवाई के कारण अपराध बढ़ते जा रहे हैं। इसी गुस्से के कारण आज परिजन और ग्रामीणों ने मोहनपुर थाना को चारों तरफ से घेर लिया और घंटों तक धरना दिया।
पुलिस प्रशासन ने समझाने की कोशिश की
थाना प्रभारी सहित कई पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की तेजी से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि हत्या में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही छापेमारी चलाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस ने यह भी बताया कि बिहार और झारखंड, दोनों राज्यों की पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द कानून के हवाले किया जा सके। अधिकारियों ने परिजनों से अनुरोध किया कि वे उग्र रूप न अपनाएं और कानून पर भरोसा रखें।
हालांकि परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें ठोस कार्रवाई नहीं दिखती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस गिरफ्तारी में देरी करती है, तो यह आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटनास्थल पर भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वातावरण शांत रखने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में गहरी नाराजगी और डर व्याप्त है। लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे।
विनोद मंडल की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक साधारण युवक की निर्मम हत्या के बाद परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहा है। मोहनपुर थाना का घेराव इस बात का प्रतीक है कि ग्रामीण अब न्याय के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।
पुलिस के सामने चुनौती है कि वह जल्द से जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करके क्षेत्र में विश्वास बहाल करे। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच कितनी तेज होती है और कब तक परिजनों को न्याय मिलता है।
