सर्दियों का मौसम आते ही ऊनी और मोटे कपड़ों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ठंड से बचाव के लिए ये कपड़े जरूरी तो होते हैं, लेकिन कई लोगों के लिए यही ऊनी कपड़े त्वचा की परेशानी का कारण भी बन जाते हैं। सर्दियों में ऊनी कपड़े पहनने से शरीर पर खुजली, जलन, लाल चकत्ते और रैशेज की समस्या आम हो जाती है। कई मामलों में यह समस्या ऊनी कपड़ों से होने वाली एलर्जी या त्वचा के अधिक ड्राई हो जाने की वजह से भी होती है। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इसके कारण और आसान उपाय जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है।

ऊनी कपड़े पहनने से खुजली क्यों होती है?
सर्दियों में हवा में नमी की कमी हो जाती है, जिससे त्वचा रूखी और संवेदनशील हो जाती है। ऐसे में जब ऊनी कपड़े सीधे त्वचा के संपर्क में आते हैं, तो उनमें मौजूद रेशे त्वचा को चुभने लगते हैं। यही चुभन धीरे-धीरे खुजली और जलन में बदल जाती है। इसके अलावा कुछ लोगों को ऊन में मौजूद केमिकल्स, डाई या डिटर्जेंट से एलर्जी भी हो सकती है। पसीना आने पर ऊनी कपड़े त्वचा से चिपक जाते हैं, जिससे खुजली और ज्यादा बढ़ सकती है।
किन लोगों को होती है ज्यादा समस्या?
संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ऊनी कपड़ों से खुजली की समस्या ज्यादा होती है। बच्चों और बुजुर्गों की त्वचा पतली होती है, इसलिए उन्हें भी रैशेज और खुजली जल्दी हो सकती है। जिन लोगों को पहले से एलर्जी, एक्जिमा या ड्राई स्किन की समस्या रहती है, उनके लिए ऊनी कपड़े परेशानी बढ़ा सकते हैं।
ऊनी कपड़ों से होने वाली खुजली से बचाव के आसान उपाय
अगर आप सर्दियों में ऊनी कपड़े पहनना चाहते हैं लेकिन खुजली से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। ऊनी कपड़ों के अंदर हमेशा सूती कपड़े पहनें, ताकि ऊन सीधे त्वचा के संपर्क में न आए। नहाने के बाद और रात में सोने से पहले मॉइस्चराइजर या बॉडी लोशन का इस्तेमाल जरूर करें, इससे त्वचा में नमी बनी रहती है।
ऊनी कपड़े पहनने से पहले उन्हें हल्के डिटर्जेंट से धो लें, ताकि उनमें मौजूद केमिकल्स निकल जाएं। खुजली होने पर त्वचा को ज्यादा खुजलाने से बचें, इससे रैशेज बढ़ सकते हैं। नारियल तेल या एलोवेरा जेल लगाने से भी त्वचा को ठंडक मिलती है और खुजली में राहत मिलती है।
खुजली ज्यादा हो तो क्या करें?
अगर ऊनी कपड़े पहनने से खुजली बहुत ज्यादा हो रही है या रैशेज बढ़ रहे हैं, तो तुरंत उन कपड़ों को पहनना बंद कर दें। त्वचा को साफ रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें। कई बार एंटी-एलर्जिक क्रीम या दवाओं की जरूरत पड़ सकती है।
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दिए गए उपाय घरेलू अनुभवों और सामान्य स्वास्थ्य सलाह पर आधारित हैं। यदि खुजली, रैशेज या एलर्जी की समस्या ज्यादा बढ़ जाए या लंबे समय तक बनी रहे, तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

