बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री नितिन नवीन ने नीतीश कुमार मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें हाल ही में भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने मंत्रिपद से हटने का फैसला लिया। सोमवार को नितिन नवीन ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यालय में पदभार ग्रहण किया।

नितिन नवीन के इस्तीफे के साथ ही बिहार मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं। वे नीतीश सरकार में एक प्रभावशाली और सक्रिय मंत्री माने जाते थे और उनके पास दो अहम विभाग—पथ निर्माण विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग की जिम्मेदारी थी।
पार्टी संगठन में बड़ी भूमिका
बीजेपी नेतृत्व ने संगठन को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से नितिन नवीन को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वे पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, आगामी चुनावी रणनीति और राज्यों के बीच समन्वय की भूमिका निभाएंगे। माना जा रहा है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव के बाद के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन का संगठनात्मक अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और जमीनी पकड़ उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाती है।
इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी
नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली जाकर बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की और नई भूमिका संभाली।
इस्तीफे के बाद नितिन नवीन ने कहा,
“यह मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है। बिहार सरकार में काम करने का अवसर मिला, उसके लिए मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं। अब पार्टी संगठन के लिए पूरी निष्ठा से काम करूंगा।”
विभागीय कार्यकाल रहा अहम
नितिन नवीन का मंत्री के रूप में कार्यकाल कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। पथ निर्माण विभाग के तहत राज्य में सड़कों, पुलों और हाईवे प्रोजेक्ट्स को गति मिली। वहीं नगर विकास विभाग में शहरी आधारभूत संरचना, स्मार्ट सिटी योजनाएं, जलापूर्ति और स्वच्छता अभियानों पर खास फोकस रहा।
पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जैसे बड़े शहरों में चल रही कई योजनाओं को उनके कार्यकाल में स्वीकृति और गति मिली। उनके इस्तीफे के बाद इन विभागों की जिम्मेदारी किसे मिलेगी, इस पर सरकार जल्द फैसला ले सकती है।
बिहार मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल
नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद नीतीश मंत्रिमंडल में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी कोटे से किसी नए चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही विभागों के पुनर्वितरण पर भी विचार किया जा रहा है।
एनडीए के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
बीजेपी में बढ़ती जिम्मेदारी का संकेत
नितिन नवीन को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को बीजेपी के युवा और संगठनात्मक नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। वे लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े रहे हैं और बिहार बीजेपी में मजबूत पकड़ रखते हैं।
उनकी नियुक्ति से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी बिहार और पूर्वी भारत में संगठन को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
नितिन नवीन के इस्तीफे और नई नियुक्ति पर बीजेपी नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। वहीं विपक्ष ने इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा है। हालांकि, जेडीयू और बीजेपी दोनों ने इसे सामान्य संगठनात्मक निर्णय बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में इसका असर बिहार की राजनीति और एनडीए की रणनीति पर साफ दिखाई देगा।
आगे की भूमिका पर नजर
अब नितिन नवीन की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर होगी, जहां वे राज्यों के संगठनात्मक ढांचे, चुनावी समन्वय और पार्टी विस्तार से जुड़े अहम फैसलों में शामिल रहेंगे। बिहार की राजनीति से दिल्ली तक का यह सफर उनके राजनीतिक कद को और ऊंचा करता है।

