By: Vikash Kumar (Vicky )
देवघर सदर अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया, जब अस्पताल के गायनी वार्ड के बाहर स्थित निबंधन कक्ष के सामने लगे एक जनरेटर में अचानक आग लग गई। घटना अचानक हुई, जिससे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। आग लगते ही धुएं का गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया, जिसका असर नजदीक स्थित प्रसव वार्ड और लेबर रूम तक देखने को मिला। धुएं के कारण वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में घबराहट फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जनरेटर से अचानक धुआं निकलने लगा और कुछ ही क्षणों में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। घटना के समय निबंधन कक्ष के पास मरीजों की आवाजाही बनी हुई थी। आग लगते ही अस्पताल परिसर में मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन काफी डर गए, क्योंकि लेबर वार्ड अस्पताल का बेहद संवेदनशील हिस्सा माना जाता है।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया। अस्पताल स्टाफ ने तुरंत फायर सेफ्टी उपकरणों का इस्तेमाल किया और जनरेटर में लगी आग पर काबू पाया। अस्पताल में लगे फायर डिस्टिंग्विशर की मदद से कुछ ही मिनटों में आग को बुझा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
अस्पताल कर्मी जगदीश शर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जनरेटर में अचानक तकनीकी कारणों से आग लग गई थी। जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, अस्पताल के सभी कर्मचारी सतर्क हो गए और बिना देर किए आग बुझाने की प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने बताया कि स्टाफ की तत्परता के कारण आग फैलने से पहले ही काबू में कर ली गई।

आग लगने के बाद भले ही कोई बड़ी क्षति नहीं हुई, लेकिन धुएं के कारण कुछ समय के लिए लेबर वार्ड में मौजूद मरीज और उनके परिजन काफी पैनिक हो गए। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए मरीजों की आवाजाही को नियंत्रित किया और वार्ड में वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई, ताकि धुआं जल्द बाहर निकल सके।
घटना में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की कोई जनहानि या हताहत नहीं हुई। न तो किसी मरीज को चोट पहुंची और न ही किसी अस्पताल कर्मी को नुकसान हुआ। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि यदि आग थोड़ी देर और फैलती तो प्रसव वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर जनरेटर, बिजली उपकरण और अग्निशमन व्यवस्था का नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी माना जाता है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को समय-समय पर सेफ्टी ऑडिट कराना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

सूत्रों के अनुसार, जनरेटर अस्पताल की बिजली आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर आपातकालीन स्थिति में। ऐसे में जनरेटर में आग लगना चिंता का विषय है। हालांकि प्रशासन की तत्परता और कर्मचारियों की सूझबूझ के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तकनीकी टीम को बुलाकर जनरेटर की जांच कराने की बात कही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट था या कोई अन्य तकनीकी खराबी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता पर भी विचार किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, देवघर सदर अस्पताल में जनरेटर में लगी आग ने कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जरूर मचा दी, लेकिन अस्पताल स्टाफ की तत्परता और फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता के कारण स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया। यह घटना अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करने की जरूरत को एक बार फिर उजागर करती है।
