By: Vikash Kumar ( Vicky)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 129वां एपिसोड आज देशभर में प्रसारित हुआ। यह कार्यक्रम वर्ष 2025 का आखिरी एपिसोड रहा, जिसमें प्रधानमंत्री ने बीते वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों की चर्चा करने के साथ-साथ नए वर्ष 2026 की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास रोडमैप पर विस्तार से बात की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को नए साल की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और कहा कि 2025 भारत के लिए उपलब्धियों, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण वर्ष रहा है।
2025 की उपलब्धियों का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2025 में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है और देश तेजी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा है।
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियानों को जनता का भरपूर समर्थन मिला, जिससे स्टार्टअप इकोसिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए।
युवाओं और स्टार्टअप्स की भूमिका
मन की बात में प्रधानमंत्री ने खास तौर पर युवाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2025 में भारत के युवा स्टार्टअप, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया के लिए प्रेरणा बने हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत का युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है। यही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।”

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में महिला सशक्तिकरण को एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, लखपति दीदी योजना और महिला उद्यमिता ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है।
पीएम ने कहा कि महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की अगुआ बन रही हैं, जो नए भारत की पहचान है।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण
मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2025 में देशवासियों ने स्वच्छता, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत के लिए सराहनीय प्रयास किए।
पीएम मोदी ने नए साल 2026 में ग्रीन डेवलपमेंट और सस्टेनेबल ग्रोथ को प्राथमिकता देने की बात कही।
2026 की चुनौतियां और संभावनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2026 भारत के लिए अवसरों से भरा वर्ष होगा, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी होंगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए देश को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।
पीएम ने कहा कि नवाचार, स्किल डेवलपमेंट और आत्मनिर्भरता 2026 की सबसे बड़ी जरूरत है।
विकसित भारत का विजन
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि ‘विकसित भारत @2047’ का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक अपनी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार, समाज और नागरिकों की साझेदारी से ही देश प्रगति के नए आयाम छू सकता है।
पीएम मोदी ने कहा, “छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव लाते हैं। यही हमारे राष्ट्र निर्माण की ताकत है।”
लोकल फॉर वोकल का संदेश
प्रधानमंत्री ने मन की बात में लोकल फॉर वोकल अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देशवासियों को स्थानीय उत्पादों को अपनाकर न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहिए, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार करना चाहिए।
देशवासियों से अपील
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से नए साल 2026 को संकल्पों का वर्ष बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अगर समाज और देश के लिए एक छोटा संकल्प ले, तो भारत तेजी से प्रगति करेगा।
पीएम मोदी ने कहा, “आइए, नए साल में हम सभी मिलकर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लें।”
