By: Vikash Kumar (Vicky )
देवघर। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को विगत तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं होने से गहरा आक्रोश व्याप्त है। देवघर सदर अस्पताल सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत फ्रंटलाइन एवं बालाजी आउटसोर्सिंग एजेंसी के अंतर्गत काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों की आर्थिक स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के समक्ष परिवार के भरण-पोषण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इसको लेकर पीड़ित स्वास्थ्य कर्मियों ने एजेंसी प्रभारी, देवघर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सहित संबंधित विभागीय वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपते हुए शीघ्र बकाया वेतन भुगतान की मांग की है। कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो वे आंदोलन एवं कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी की होगी।

अक्टूबर से नहीं मिला वेतन, परिवार भुखमरी के कगार पर
दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिकृत गैर सरकारी एजेंसियों के माध्यम से फ्रंटलाइन और बालाजी आउटसोर्सिंग के तहत ये कर्मचारी वर्षों से देवघर सदर अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद एजेंसी द्वारा नियमित रूप से मासिक पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, फ्रंटलाइन आउटसोर्सिंग के अंतर्गत कार्यरत कर्मियों को अक्टूबर 2025 से दिसंबर 2025 तक लगातार तीन माह का वेतन नहीं मिला है, जबकि बालाजी आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को दो माह से भुगतान नहीं किया गया है। कम आय पर निर्भर इन कर्मचारियों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि वेतन नहीं मिलने के कारण कई कर्मचारियों के परिवार भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं और बच्चों की पढ़ाई, किराया, इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य व्यवस्था ठप होने की आशंका
स्वास्थ्य कर्मियों ने आवेदन के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया है कि यदि एक-दो दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो वे विवश होकर आंदोलन एवं कार्य बहिष्कार करेंगे। ऐसी स्थिति में सदर अस्पताल सहित जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। गौरतलब है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत ये कर्मचारी अस्पतालों में साफ-सफाई, तकनीकी सहयोग, नर्सिंग सहायता, कार्यालयीय कार्य एवं अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। इनके कार्य बहिष्कार पर मरीजों की देखभाल, ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड प्रबंधन पर सीधा असर पड़ सकता है।

पहले भी दी जा चुकी है सूचना, फिर भी नहीं हुआ समाधान
कर्मचारियों ने बताया कि वेतन भुगतान को लेकर इससे पूर्व भी कई बार एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित रूप से सूचित किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों का भरोसा टूटता जा रहा है।
एजेंसी ने तकनीकी कारण बताया
इस संबंध में जब बालाजी आउटसोर्सिंग एजेंसी के देवघर इंचार्ज से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से कुछ तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, जिसके कारण वेतन भुगतान में देरी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी की ओर से प्रयास जारी है और सभी अल्पभोगी कर्मचारियों का वेतन जल्द से जल्द भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों की आड़ में महीनों तक वेतन रोकना अन्यायपूर्ण है और इसका खामियाजा गरीब कर्मचारी भुगत रहे हैं।
कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से उठाई आवाज
आवेदन पर गणेश पोद्दार, कंचन कुमार, प्रमोद पंडित, अंकित कुमार, चौधरी यादव, वाई के सिंह, पुनीत कुमार, रिंकू यादव, संगीता झा, गणेश कुमार, भारती, उमेश झा, सुनीता देवी, मंजली, बबिता किस्कू, मुकेश कुमार मांझी सहित अन्य कई स्वास्थ्य कर्मियों ने हस्ताक्षर किए हैं। सभी ने एक स्वर में जल्द वेतन भुगतान की मांग की है।
प्रशासन पर टिकी निगाहें
अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में देवघर की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
