आज 31 दिसंबर 2025, बुधवार का दिन है और वर्ष 2025 का अंतिम दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। बुधवार भगवान गणेश को समर्पित होता है और इस दिन गणपति की पूजा करने से बुद्धि, व्यापार और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। आज सूर्य और चंद्रमा की स्थिति भी विशेष फलदायी योग बना रही है, जिससे दिन का महत्व और बढ़ जाता है।
दिसंबर 2025 के अंतिम दिन ग्रह-नक्षत्रों का संयोग कई शुभ संकेत दे रहा है। आज किए गए पूजा-पाठ, दान-पुण्य और शुभ कार्यों का प्रभाव आने वाले नए साल तक बना रहता है। आइए जानते हैं 31 दिसंबर 2025 का पूरा दैनिक पंचांग विस्तार से।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
31 दिसंबर 2025 को सूर्योदय सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर होगा।
31 दिसंबर 2025 को सूर्यास्त शाम 05 बजकर 47 मिनट पर होगा।
31 दिसंबर 2025 को चंद्रोदय दोपहर 02 बजकर 38 मिनट पर होगा।
01 जनवरी 2025 को चंद्रस्त प्रातः 04 बजकर 46 मिनट पर होगा।
31 दिसंबर 2025 को सूर्य धनु राशि में संचरण कर रहे हैं, जो धर्म, ज्ञान और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है।
31 दिसंबर 2025 को सूर्यास्त शाम 05 बजकर 47 मिनट पर होगा।
31 दिसंबर 2025 को चंद्रोदय दोपहर 02 बजकर 38 मिनट पर होगा।
01 जनवरी 2025 को चंद्रस्त प्रातः 04 बजकर 46 मिनट पर होगा।
31 दिसंबर 2025 को सूर्य धनु राशि में संचरण कर रहे हैं, जो धर्म, ज्ञान और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है।
31 दिसंबर 2025 को चंद्रमा सुबह 09 बजकर 23 मिनट तक मेष राशि में रहेंगे, इसके बाद वृषभ राशि में गोचर करेंगे, जिससे स्थिरता, सुख और आर्थिक मजबूती के संकेत मिलते हैं।
शहर के हिसाब से उदय और अस्त के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
आज के शुभ मुहूर्त
31 दिसंबर 2025 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
31 दिसंबर 2025 को अमृत काल रात 11 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
31 दिसंबर 2025 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 36 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
इन मुहूर्तों में पूजा, मंत्र जाप, नए कार्य की शुरुआत और संकल्प लेना विशेष फलदायी माना जाता है।
31 दिसंबर 2025 को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 36 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
इन मुहूर्तों में पूजा, मंत्र जाप, नए कार्य की शुरुआत और संकल्प लेना विशेष फलदायी माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
31 दिसंबर 2025 को राहुकाल दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
31 दिसंबर 2025 को यम गण्ड सुबह 08 बजकर 31 मिनट से लेकर सुबह 09 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।
31 दिसंबर 2025 को कुलिक सुबह 11 बजकर 10 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।
31 दिसंबर 2025 को दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
31 दिसंबर 2025 को वर्ज्यम् दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
इन अशुभ समयों में शुभ और मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए, हालांकि जप, ध्यान और पूजा की जा सकती है।
आज का विशेष महत्व
बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना, हरे वस्त्र धारण करना और जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है। साल के अंतिम दिन किया गया पुण्य कार्य आने वाले वर्ष में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।

