By: Vikash Kumar (Vicky)
सर्दियों में सिरदर्द की समस्या आम बात हो जाती है। ठंडी हवा, शरीर में पानी की कमी, धूप से दूरी और लाइफस्टाइल में होने वाले बदलाव इस परेशानी को और बढ़ा देते हैं। कई लोगों को सर्दियों के मौसम में बार-बार सिरदर्द, भारीपन या माइग्रेन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन अगर समय रहते इसके कारणों को समझ लिया जाए और सही उपाय अपनाए जाएं, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

सर्दियों में सिरदर्द क्यों होता है?
सर्दियों में सिरदर्द बढ़ने के पीछे कई शारीरिक और पर्यावरणीय कारण होते हैं। ठंड के मौसम में शरीर की ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे दिमाग तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा लोग सर्दियों में प्यास कम महसूस करते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है और सिरदर्द होने लगता है। धूप कम मिलने के कारण शरीर में विटामिन D की कमी भी सिरदर्द का एक बड़ा कारण बनती है। वहीं ठंडी हवा और प्रदूषण साइनस को प्रभावित करते हैं, जिससे साइनस हेडेक की शिकायत बढ़ जाती है। हीटर या बंद कमरों में लंबे समय तक रहने से ऑक्सीजन की कमी और ड्राई एयर भी सिरदर्द को जन्म देती है।
सर्दियों में सिरदर्द के सामान्य लक्षण
सर्दियों में होने वाला सिरदर्द कई तरह से महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को सिर में लगातार भारीपन रहता है, तो कुछ को आंखों के पीछे या माथे में तेज दर्द महसूस होता है। कई बार गर्दन और कंधों में जकड़न के साथ सिरदर्द होता है। माइग्रेन से पीड़ित लोगों में सर्दियों के दौरान मतली, रोशनी से चिढ़ और चक्कर आने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
जो लोग पहले से माइग्रेन, साइनस या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें सर्दियों में सिरदर्द का खतरा ज्यादा रहता है। इसके अलावा कम पानी पीने वाले, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करने वाले और तनाव में रहने वाले लोगों में भी यह समस्या अधिक देखी जाती है।

सर्दियों में सिरदर्द से बचने के आसान उपाय
सर्दियों में सिरदर्द से बचने के लिए सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना। भले ही प्यास कम लगे, लेकिन दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। गुनगुना पानी पीना सर्दियों में ज्यादा फायदेमंद होता है। धूप में कुछ समय जरूर बिताएं ताकि शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन D मिल सके। संतुलित आहार लें, जिसमें हरी सब्जियां, फल, नट्स और डेयरी उत्पाद शामिल हों। ठंडी हवा से बचने के लिए सिर और कान को ढककर रखें, खासकर सुबह और रात के समय। अगर साइनस की समस्या है तो भाप लेना लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा नियमित योग, प्राणायाम और हल्की एक्सरसाइज से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सिरदर्द की समस्या कम होती है। लंबे समय तक हीटर के सामने या बंद कमरे में बैठने से बचें और कमरे में वेंटिलेशन बनाए रखें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर सिरदर्द लगातार बना रहे, दर्द बहुत तेज हो, उल्टी, धुंधला दिखना या बुखार जैसे लक्षण साथ में हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। खुद से दवाइयां लेने से समस्या बढ़ भी सकती है।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या इलाज के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। यह जानकारी चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है।
