By: Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang के अनुसार आज 4 जनवरी 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष माना जा रहा है। आज माघ मास का पहला दिन है और ग्रहों के राजा सूर्यदेव के दिन 3 शुभ योग का संयोग बन रहा है। रविवार को सूर्य उपासना का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि सूर्य को आत्मा, तेज, स्वास्थ्य, सम्मान और राजसत्ता का कारक माना जाता है। आज सूर्य की आराधना करने से न केवल ग्रह दोष शांत होते हैं, बल्कि जीवन में आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।
रविवार और सूर्य पूजा का धार्मिक महत्व
वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्यदेव सभी ग्रहों को प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करते हैं, इसलिए उनकी शांति से अन्य ग्रहों का प्रभाव भी संतुलित हो जाता है। सूर्य को पिता, गुरु और उच्च अधिकारियों का कारक माना गया है। रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा करने से पिता से संबंध मजबूत होते हैं, मान-सम्मान में वृद्धि होती है और करियर से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं। माघ मास में सूर्य पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह महीना तप, स्नान और दान का माना जाता है।
माघ मास का पहला दिन क्यों है खास
आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि उपरांत द्वितीया तिथि का संयोग बन रहा है। शास्त्रों के अनुसार माघ मास में किया गया स्नान, जप और दान विशेष पुण्य फल देता है। आज से माघ स्नान की शुरुआत भी मानी जाती है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति और पापों के नाश का मार्ग प्रशस्त होता है।
आज का तिथि, नक्षत्र और करण
आज पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। करण कौलव है और पक्ष कृष्ण पक्ष रहेगा। चंद्रमा पहले मिथुन राशि में संचार करेंगे और बाद में कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे भावनात्मक स्थिरता और पारिवारिक विषयों पर ध्यान बढ़ सकता है।

आज बन रहे हैं 3 शुभ योग
आज का दिन ज्योतिषीय रूप से विशेष इसलिए भी है क्योंकि तीन शुभ योग का संयोग बन रहा है। इन योगों में सूर्य उपासना, व्रत और दान करने से व्यक्ति को आत्मविश्वास, स्वास्थ्य लाभ और मानसिक शांति प्राप्त होती है। विशेष रूप से सरकारी नौकरी, प्रशासन, शिक्षा और नेतृत्व से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन फलदायी माना गया है।
आज का दिशाशूल और उसका प्रभाव
आज पश्चिम दिशा का दिशाशूल माना जा रहा है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले सूर्यदेव का स्मरण और गुड़ या मीठा सेवन करने की परंपरा बताई गई है।
सूर्यदेव की पूजा कैसे करें
रविवार के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। इसके साथ सूर्य मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है। माघ मास में सूर्य को अर्घ्य देने से स्वास्थ्य, तेज और आत्मबल में वृद्धि होती है।
आज के शुभ मुहूर्त का महत्व
आज के दिन शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य लंबे समय तक फलदायी रहते हैं। विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण और नए कार्य की शुरुआत के लिए पंचांग देखकर ही निर्णय लेना उत्तम माना गया है। शुभ समय में सूर्य पूजा और दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
आज के अशुभ समय और राहुकाल
पंचांग के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ समय में किसी भी मांगलिक या महत्वपूर्ण कार्य से बचने की सलाह दी जाती है। राहुकाल के दौरान केवल पूजा-पाठ और आत्मचिंतन करना शुभ माना जाता है।
यह लेख पंचांग, धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। तिथियों, योग और मुहूर्त में स्थान और पंचांग भेद के अनुसार अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें।
