By: Vikash Kumar(Vicky)
बांग्लादेश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत में होने वाले IPL मुकाबलों से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर किए जाने और बीसीसीआई के सख्त रुख के बाद अब बांग्लादेश में IPL को लेकर नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। इसी नाराजगी के बीच बांग्लादेश में IPL के प्रसारण और समर्थन पर ‘बैन’ जैसी स्थिति बनती नजर आ रही है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। दरअसल, बीसीसीआई द्वारा IPL 2026 सीजन से पहले कुछ बांग्लादेशी खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजियों से रिलीज किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और वहां के क्रिकेट प्रशंसकों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर IPL के खिलाफ ट्रेंड चल रहे हैं और कई संगठनों ने IPL के बहिष्कार की मांग तक कर डाली है।
IPL के खिलाफ क्यों भड़का बांग्लादेश?
IPL दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग मानी जाती है, जिसमें बांग्लादेश के कई खिलाड़ियों ने भी अपनी पहचान बनाई है। लेकिन हालिया घटनाक्रम में बीसीसीआई द्वारा सुरक्षा और कूटनीतिक कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी सीमित करने का फैसला लिया गया। इसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स सहित कुछ फ्रेंचाइजियों ने अपने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को रिलीज कर दिया। इस फैसले को बांग्लादेश में ‘भेदभावपूर्ण’ बताया जा रहा है। कई पूर्व क्रिकेटरों और विश्लेषकों का कहना है कि IPL केवल खेल नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के करियर और देश की क्रिकेट अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर करना सीधे तौर पर उनके भविष्य पर असर डालता है।
प्रसारण पर बैन की मांग
बांग्लादेश में अब IPL के टीवी और डिजिटल प्रसारण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि जब बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL में खेलने का मौका नहीं मिल रहा, तो देश में IPL का प्रसारण क्यों किया जाए। हालांकि, अभी तक सरकार या बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की ओर से आधिकारिक रूप से IPL पर बैन की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माहौल ऐसा बन गया है कि IPL के बहिष्कार की चर्चा तेज हो गई है। कई केबल ऑपरेटरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी दबाव देखा जा रहा है।

क्रिकेट से आगे बढ़ता विवाद
यह मामला अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से मजबूत क्रिकेट संबंध रहे हैं, लेकिन IPL विवाद ने कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विवाद और बढ़ता है, तो इसका असर द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज और ICC आयोजनों पर भी पड़ सकता है कुछ बांग्लादेशी क्रिकेट फैंस का कहना है कि IPL भारत की सॉफ्ट पावर का बड़ा माध्यम है, और उसी मंच से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को बाहर करना देश के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है।
BCCI का क्या कहना है?
बीसीसीआई ने अब तक IPL पर बांग्लादेश के संभावित बैन को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। बोर्ड का कहना है कि फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह व्यावसायिक और रणनीतिक निर्णय होता है, जिसमें राष्ट्रीयता के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता। बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा और लॉजिस्टिक कारणों को ध्यान में रखते हुए कुछ फैसले लिए गए हैं, जिन्हें गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
IPL फ्रेंचाइजियों की चिंता
IPL फ्रेंचाइजियां इस पूरे विवाद से असहज नजर आ रही हैं। बांग्लादेश में IPL का बड़ा दर्शक वर्ग है, जिससे ब्रॉडकास्टिंग और स्पॉन्सरशिप रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ता है। अगर बांग्लादेश में IPL का प्रसारण बंद होता है या दर्शक दूरी बनाते हैं, तो इससे लीग को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
क्या सच में लगेगा IPL पर बैन?
फिलहाल ‘बैन’ शब्द भले ही सुर्खियों में है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। जानकारों का मानना है कि यह दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है, ताकि भविष्य में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL में बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।
आगे क्या?
आने वाले दिनों में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और सरकार की भूमिका बेहद अहम होगी। अगर विवाद शांत नहीं हुआ, तो IPL और बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में दरार पड़ सकती है। वहीं, क्रिकेट प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि खेल को राजनीति से दूर रखते हुए कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा।
