By: Vikash Kumar (Vicky)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हार्ट से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इसकी एक बड़ी वजह शरीर में कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन है। बहुत से लोग यह जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल नुकसानदायक होता है, लेकिन कम ही लोग यह समझ पाते हैं कि कोलेस्ट्रॉल दो तरह का होता है। एक बैड कोलेस्ट्रॉल जिसे LDL कहा जाता है और दूसरा गुड कोलेस्ट्रॉल जिसे HDL कहा जाता है। बैड कोलेस्ट्रॉल जहां दिल की नसों में जमा होकर ब्लॉकेज की समस्या पैदा करता है, वहीं गुड कोलेस्ट्रॉल नसों में जमी गंदगी को साफ कर दिल को सुरक्षित रखने का काम करता है। इसलिए सिर्फ कोलेस्ट्रॉल कम करना ही नहीं, बल्कि गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।
गुड कोलेस्ट्रॉल क्या है और क्यों जरूरी है
HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए एक तरह से सफाईकर्मी की तरह काम करता है। यह खराब फैट को नसों से निकालकर लिवर तक पहुंचाता है, जहां से वह शरीर से बाहर निकल जाता है। जिन लोगों में गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर ठीक रहता है, उनमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा काफी कम हो जाता है। यही वजह है कि डॉक्टर भी HDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने पर ज्यादा जोर देते हैं।
थाली में शामिल करें हेल्दी फैट
अगर आप नेचुरली गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी डाइट पर ध्यान देना होगा। रोजाना के खाने में हेल्दी फैट को शामिल करना बेहद जरूरी है। अखरोट, बादाम, मूंगफली, अलसी के बीज और चिया सीड्स जैसे ड्राई फ्रूट्स और बीज गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा सरसों का तेल, जैतून का तेल और मूंगफली का तेल सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना फायदेमंद माना जाता है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड से मिलेगा फायदा
ओमेगा-3 फैटी एसिड गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो हफ्ते में दो बार फैटी फिश जैसे सैल्मन या सार्डिन का सेवन कर सकते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए अलसी के बीज, अखरोट और सोयाबीन ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत हैं। ये न केवल HDL बढ़ाते हैं, बल्कि दिल की सूजन को भी कम करते हैं।
फाइबर युक्त भोजन बनाएं आदत
फाइबर से भरपूर आहार बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ-साथ गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी सहायक होता है। दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस, साबुत गेहूं की रोटी, फल और हरी सब्जियां रोजाना की डाइट में जरूर शामिल करनी चाहिए। खासकर सेब, नाशपाती, पपीता और हरी पत्तेदार सब्जियां दिल की सेहत के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं।

नियमित एक्सरसाइज से बढ़ता है गुड कोलेस्ट्रॉल
सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि एक्टिव लाइफस्टाइल भी गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मदद करती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की तेज चाल से वॉक, योग, साइक्लिंग या हल्की दौड़ HDL कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकती है। लगातार बैठे रहने की आदत बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है, इसलिए दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर पर शरीर को एक्टिव रखना जरूरी है।
वजन नियंत्रित रखना है बेहद जरूरी
ज्यादा वजन और मोटापा कोलेस्ट्रॉल असंतुलन की बड़ी वजह बनते हैं। अगर आपका वजन जरूरत से ज्यादा है, तो थोड़े से वजन कम करने से भी गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बेहतर हो सकता है। संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम से वजन कंट्रोल में रखने पर दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा अपने आप कम होने लगता है।
धूम्रपान और शराब से बनाएं दूरी
अगर आप स्मोकिंग करते हैं, तो यह गुड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से कम कर सकती है। सिगरेट छोड़ने के कुछ ही हफ्तों में HDL लेवल बेहतर होने लगता है। वहीं शराब का ज्यादा सेवन भी कोलेस्ट्रॉल असंतुलन पैदा कर सकता है, इसलिए अगर पीते हैं तो सीमित मात्रा में ही सेवन करें।
नींद और तनाव भी करते हैं असर
कम नींद और ज्यादा तनाव भी शरीर के कोलेस्ट्रॉल लेवल को प्रभावित करते हैं। रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना और तनाव को कम करने के लिए ध्यान, प्राणायाम या योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
कब करानी चाहिए जांच
अगर आपके परिवार में हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज का इतिहास रहा है, तो समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना जरूरी है। इससे आपको समय रहते पता चल जाएगा कि आपके शरीर में गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर क्या है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार की डाइट या लाइफस्टाइल में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। व्यक्ति विशेष की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।
