By: Vikash Kumar (Vicky)
हिंदू धर्म में सकट चौथ का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। इस पर्व को लंबोदर संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है और यह माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश और सकट माता की पूजा करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट भी दूर हो जाते हैं। विशेष रूप से संतान सुख, वंश वृद्धि, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक खुशहाली के लिए सकट चौथ का व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है।
सकट चौथ का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सकट चौथ का व्रत माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए रखती हैं। इस दिन भगवान गणेश को संकटहर्ता माना जाता है, जो भक्तों के जीवन से दुख, बाधा और दरिद्रता को दूर करते हैं। कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से सकट चौथ का व्रत रखता है, उसके जीवन में आने वाली परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।
आर्थिक संकट और कर्ज से मुक्ति का उपाय
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से आर्थिक परेशानियों, कर्ज या धन की तंगी से जूझ रहा है, तो सकट चौथ पर गणेश मंत्रों का जाप विशेष लाभ देता है। इस दिन किया गया मंत्र जप न केवल धन से जुड़ी समस्याओं को कम करता है, बल्कि आय के नए रास्ते भी खोलता है। मान्यता है कि गणपति की कृपा से रुका हुआ पैसा वापस मिलता है और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण आता है।
करियर और नौकरी में तरक्की के लिए सकट चौथ
सकट चौथ का दिन करियर में उन्नति और नौकरी में सफलता पाने के लिए भी बेहद शुभ माना गया है। जो लोग प्रमोशन, नई नौकरी या व्यापार में वृद्धि की कामना कर रहे हैं, उन्हें इस दिन गणेशजी के विशेष मंत्रों का जप करना चाहिए। गणपति बुद्धि और विवेक के देवता हैं, इसलिए उनकी आराधना से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं।

सकट चौथ पर जप करने योग्य गणेश मंत्र
सकट चौथ के दिन “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। इसके अलावा लंबोदर स्वरूप की आराधना के लिए “ॐ नमो भगवते गजाननाय” मंत्र का जप भी किया जाता है। माना जाता है कि इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
पूजा विधि से बढ़ता है शुभ फल
सकट चौथ के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। शाम के समय गणेशजी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं और तिल, गुड़ व मोदक का भोग लगाएं। चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करें। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
घर में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का संचार
मान्यता है कि सकट चौथ पर श्रद्धा के साथ की गई पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। पारिवारिक कलह कम होती है और घर का वातावरण शांतिपूर्ण बना रहता है। जिन घरों में लंबे समय से तनाव या अशांति बनी रहती है, वहां सकट चौथ का व्रत विशेष रूप से शुभ माना गया है।
क्यों कहा जाता है सकट चौथ को संकट हरने वाला पर्व
धार्मिक कथाओं के अनुसार, सकट माता और भगवान गणेश की कृपा से भक्तों के जीवन से संकट दूर होते हैं। यही कारण है कि इस दिन को संकट नाशक चतुर्थी भी कहा जाता है। सकट चौथ पर किया गया छोटा सा उपाय भी बड़े बदलाव ला सकता है।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। किसी भी उपाय को करने से पहले अपनी परिस्थितियों और आस्था के अनुसार निर्णय लें। परिणाम व्यक्ति विशेष के कर्म और विश्वास पर निर्भर कर सकते हैं।
