By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। देश भर में सर्दी ने इस समय अपने सबसे कठोर रूप में दस्तक दे दी है। उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वी और यहां तक कि दक्षिणी राज्यों तक शीतलहर और घने कोहरे का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले सात दिनों में ठंड और कोहरे का प्रकोप और अधिक बढ़ सकता है, जिससे आम जनजीवन, परिवहन और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा।
उत्तर भारत में ठंड का प्रचंड प्रहार
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार में शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित कर दी है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, वहीं कई इलाकों में घना कोहरा दृश्यता को 50 मीटर से भी कम कर रहा है। सुबह और रात के समय सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। राजस्थान के चूरू, सीकर और नागौर जैसे इलाकों में तापमान 1–2 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। उत्तर प्रदेश और बिहार में ठंडी पछुआ हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है।
कोहरे से परिवहन व्यवस्था चरमराई
घने कोहरे के कारण रेल, सड़क और हवाई यातायात सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। उत्तर रेलवे की दर्जनों ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि कई उड़ानों को या तो डायवर्ट किया गया या रद्द करना पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दृश्यता कम होने से सड़क हादसों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा सुबह और रात के समय छाया रहेगा, जिससे यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम और अधिक कठोर हो सकता है। IMD ने इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। बर्फबारी के चलते कई पहाड़ी सड़कें बंद हो सकती हैं और भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा। कश्मीर घाटी में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है, वहीं हिमाचल के लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

मध्य और पूर्वी भारत भी चपेट में
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी शीतलहर का असर साफ नजर आ रहा है। IMD के मुताबिक, इन इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है। कोहरे के साथ-साथ सुबह की ठंड लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही है।
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शीतलहर के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और दिल व सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, सांस की दिक्कत और जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचने और गर्म तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है।
IMD की 7 दिन की चेतावनी
IMD के अनुसार:
उत्तर भारत में शीतलहर जारी रहेगी
कई राज्यों में कोल्ड डे कंडीशन बन सकती है
घना कोहरा यातायात को प्रभावित करेगा
पहाड़ों पर बर्फबारी से ठंड और बढ़ेगी
मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं इस ठंड को और तीव्र बनाएंगी।
प्रशासन और सरकार अलर्ट मोड में
कई राज्यों में प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था, रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने और गरीबों के लिए कंबल वितरण जैसे कदम उठाए हैं। स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टियों पर भी विचार किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, देश इस समय शीतलहर और कोहरे के दोहरे संकट से जूझ रहा है। IMD की चेतावनी साफ है कि आने वाले सात दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने, मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सख्त जरूरत है।
