By: Vikash Kumar (Vicky )
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर केवल ईंट-पत्थर की संरचना नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन, सुख-शांति और समृद्धि का आधार माना जाता है। जब घर का निर्माण या उपयोग वास्तु नियमों के विरुद्ध होता है, तो वहां वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। कहा जाता है कि वास्तु दोष के कारण जीवन में बार-बार रुकावटें, आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में समय रहते वास्तु दोष की पहचान करना और उसके उपाय अपनाना बेहद जरूरी माना जाता है।

अगर आपके घर में भी बिना किसी स्पष्ट कारण के नकारात्मकता महसूस होती है या समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं, तो यह वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं घर में वास्तु दोष की पहचान कैसे करें और किन आसान उपायों से इससे निजात पाई जा सकती है।
घर में वास्तु दोष की पहचान कैसे करें
वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ संकेत ऐसे होते हैं जो घर में वास्तु दोष की ओर इशारा करते हैं। अगर घर के सदस्य अक्सर बीमार रहते हैं, बिना वजह मन अशांत रहता है या नींद ठीक से नहीं आती, तो यह नकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है। आर्थिक स्थिति का बार-बार बिगड़ना, मेहनत के बावजूद सफलता न मिलना और खर्चों का अचानक बढ़ जाना भी वास्तु दोष से जोड़ा जाता है। इसके अलावा घर में अक्सर झगड़े होना, आपसी रिश्तों में खटास आना और बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना भी वास्तु से संबंधित दोष का परिणाम माना जाता है। घर में टूटे-फूटे सामान का जमा रहना, बंद पड़ी घड़ियां, खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या लंबे समय से अनुपयोगी वस्तुएं भी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं। कई बार घर में प्रवेश करते ही भारीपन या घुटन महसूस होना भी वास्तु दोष का संकेत माना जाता है।
दिशाओं से जुड़े वास्तु दोष
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है। अगर मुख्य द्वार गलत दिशा में हो या उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान रखा हो, तो यह आर्थिक और मानसिक समस्याओं का कारण बन सकता है। दक्षिण दिशा में पानी का स्रोत या रसोईघर होना भी वास्तु दोष माना जाता है। वहीं, शौचालय का गलत स्थान पर होना स्वास्थ्य और करियर से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकता है।

रसोई और पूजा स्थल से जुड़ी गलतियां
अगर रसोईघर सही दिशा में न हो या वहां साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो घर की सुख-शांति प्रभावित हो सकती है। इसी तरह पूजा स्थल का अस्त-व्यस्त होना या गलत दिशा में होना भी वास्तु दोष को बढ़ाता है। पूजा स्थान को हमेशा स्वच्छ, शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रखना जरूरी माना गया है।
वास्तु दोष से छुटकारा पाने के आसान उपाय
वास्तु दोष दूर करने के लिए बड़े बदलाव हमेशा जरूरी नहीं होते। कई छोटे-छोटे उपाय भी सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। घर को साफ-सुथरा और हवादार रखें। रोज सुबह और शाम घर में पर्याप्त रोशनी और हवा आने दें। उत्तर-पूर्व दिशा को हमेशा हल्का और साफ रखें। घर के मुख्य द्वार पर रोज साफ-सफाई करें और वहां सकारात्मक प्रतीक रखें। नमक का उपयोग भी वास्तु दोष निवारण में प्रभावी माना जाता है। सप्ताह में एक बार पानी में सेंधा नमक डालकर घर का पोंछा लगाने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है। घर में सूखे फूल, टूटे शीशे और खराब सामान को तुरंत हटा देना चाहिए। पूजा स्थल पर नियमित दीपक जलाना और मंत्र जाप करना भी सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
वास्तु दोष से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
घर में किसी भी दिशा में अनावश्यक भारी सामान जमा न करें। बेडरूम में दर्पण की स्थिति का विशेष ध्यान रखें और सोते समय शीशे में अपना प्रतिबिंब न दिखे, इसका ख्याल रखें। रात के समय रसोईघर और पूजा स्थल को साफ छोड़ना भी वास्तु की दृष्टि से शुभ माना जाता है।
यह लेख वास्तु शास्त्र की सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। किसी भी बड़े वास्तु परिवर्तन या निर्णय से पहले विशेषज्ञ वास्तु सलाहकार की राय अवश्य लें। वेबसाइट इस जानकारी की पूर्ण सत्यता या परिणामों की गारंटी नहीं देती।

