By: Vikash Kumar (Vicky)
देश के कई राज्यों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब अलग-अलग जिला अदालतों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की अदालतें इस धमकी के दायरे में रहीं। अचानक मिली इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और एहतियातन कोर्ट परिसरों को खाली कराया गया।

ई-मेल से दी गई धमकी, एक जैसा कंटेंट
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी अदालतों को भेजे गए ई-मेल की भाषा और कंटेंट लगभग एक जैसा है। ई-मेल में कोर्ट परिसरों में बम लगाए जाने और तय समय पर विस्फोट की बात कही गई थी। जैसे ही अदालत प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, तुरंत स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई।
बिहार की अदालतों में मचा हड़कंप
बिहार के कई जिलों में जिला न्यायालयों को बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जगहों पर कोर्ट की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से रोक दी गई। वकीलों, न्यायिक कर्मचारियों और फरियादियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पूरे परिसर को सील कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन किसी भी स्थान से अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सुरक्षा कड़ी
मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और जबलपुर की अदालतों को भी धमकी भरे ई-मेल मिले। छत्तीसगढ़ में रायपुर और दुर्ग जिला न्यायालयों में भी इसी तरह की चेतावनी के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई। बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम ने कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी अलर्ट
पंजाब के लुधियाना, जालंधर और अमृतसर की अदालतों में धमकी मिलने के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हिमाचल प्रदेश के कुछ जिला कोर्ट भी अलर्ट पर रखे गए। कोर्ट परिसर के आसपास की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों को भी अस्थायी रूप से बंद कराया गया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

कोर्ट की कार्यवाही प्रभावित
बम धमकी के कारण कई जगहों पर अदालतों की कार्यवाही घंटों तक ठप रही। हजारों मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई, जिससे वकीलों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
साइबर सेल कर रही जांच
सभी ई-मेल को साइबर सेल और केंद्रीय एजेंसियों के पास भेज दिया गया है। तकनीकी जांच के जरिए ई-मेल की लोकेशन, आईपी एड्रेस और सर्वर डिटेल खंगाली जा रही है। अधिकारियों को शक है कि यह किसी शरारती तत्व या संगठित साइबर गिरोह की हरकत हो सकती है, जिसका मकसद दहशत फैलाना है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में देश के कई हवाई अड्डों, स्कूलों और सरकारी दफ्तरों को भी इसी तरह की फर्जी बम धमकियां मिल चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में ये धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा ऑपरेशन चलाना पड़ता है।
प्रशासन ने की अपील
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
इस घटना के बाद देशभर की अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त जांच, सीसीटीवी निगरानी और आगंतुकों की सघन तलाशी के निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल राहत, लेकिन सतर्कता जारी
अभी तक किसी भी कोर्ट परिसर से बम या विस्फोटक नहीं मिला है, जिससे राहत की सांस ली गई है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और अगले कुछ दिनों तक हाई अलर्ट जारी रहेगा।

